जाने इस दीवाली कैसे भरें रंगोली के रंग

दोस्तों आप इस दिवाली क्या कर रहे हैं. आपकी सारी तैयारियां तो हो ही गई होंगी. लेकिन आपने रंगोली बनाई कि नहीं.अगर नहीं बनाई है तो तैयार हो जाइए रंगोली बनाने के लिए. हम आपको रंगोली के बिना दिवाली नहीं मनाने देंगे. अगर आप रंगोली नहीं बना रहे हैं तो अपनी दिवाली अधूरी ही समझिए.आपको […]

दोस्तों आप इस दिवाली क्या कर रहे हैं. आपकी सारी तैयारियां तो हो ही गई होंगी. लेकिन आपने रंगोली बनाई कि नहीं.अगर नहीं बनाई है तो तैयार हो जाइए रंगोली बनाने के लिए. हम आपको रंगोली के बिना दिवाली नहीं मनाने देंगे.

अगर आप रंगोली नहीं बना रहे हैं तो अपनी दिवाली अधूरी ही समझिए.आपको रंगोली के बारे में बहुत जानकारी नहीं है तो हम आपको बताते चलें कि रंगोली कई तरह से बनाई जा सकती है.
रंगोली को एक तरह से पेंटिंग भी कहा जा सकता है. यह चित्र बनाने की पारंपरिक कला है. रंगोली सिर्फ दिवाली पर ही नहीं बनाई जाती है बल्कि इसे किसी भी त्यौहार या महत्वपूर्ण अवसर जैसे शादियों में या मेहमानों के स्वागत के लिए भी तैयार किया जाता है. महिलाओं द्वारा बनाई जाने वाली रंगोली कला का एक बेहतरीन नमूना है.
रंगोली वास्तुशास्त्र के हिसाब से भी शुभ मानी जाती है. इसके अनुसार रंगोली ऊर्जा बढ़ाने और मूड को तरोताजा रखने के काम आती है.
रंगोली बनाने के लिए पिसा हुआ सूखा या गीला चावल सिंदूर हल्दी सूखा आटा और पाकृतिक रंग प्रयोग में लाए जाते हैं. इसे फूलों लकड़ी या और की किसी चीज के बुरादे से भी बनाया जाता है. लेकिन आजकल रंगोली रासायनिक रंगों से भी बनाई जाने लगी है.
*बाजार में मौजूद रंगोली के डिजाइन
अगर आपको रंगोली बनानी नहीं आती है तो परेशान मत होइये बाजार में रंगोली के सांचे भी मौजूद हैं.
कुछ महिलाओं का कहना है कि उन्हें रंगोली पसंद तो है लेकिन बनानी नहीं आती है. लेकिन अब उन्हें इस से कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि अब बाजार में रंगोली के डिजाइन आने लगे हैं. बाजार में रंगोली के कई प्रकार के सांचे बिक रहे हैं जिनके साथ रंग भी मिल रहे हैं.
महिलाओं का कहना है कि ये इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ दुबारा भी उपयोग किए जा सकते हैं. पहले जहां रंगोली बनाने में बहुत समय लगता था अब ये काम काफी आसान हो गया है.
बाजार में 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक रंगोली के डिजाइन और रंग बाजार में मौजूद हैं. इसके अलावा बाजार में फूलों के रंग बिक रहे हैं.इस तरह रंगोली के सांचों की बाजार में काफी मांग है.

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