पोलियो को लौटने न दें

साल 2014 में डब्ल्यूएचओ ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था. फिलहाल देश का 87 प्रतिशत इलाका शत-प्रतिशत पोलियो मुक्त हो चुका है. देश में सफल पल्स पोलियो अभियान के 25 साल पूरे हो चुके हैं. फिर भी इसके प्रति सजग रहना जरूरी है. पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ट्विटर व अन्य […]

साल 2014 में डब्ल्यूएचओ ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था. फिलहाल देश का 87 प्रतिशत इलाका शत-प्रतिशत पोलियो मुक्त हो चुका है.
देश में सफल पल्स पोलियो अभियान के 25 साल पूरे हो चुके हैं. फिर भी इसके प्रति सजग रहना जरूरी है. पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया- ‘हर खुराक करें पूरी, क्योंकि हर खुराक है जरूरी. सजग बनें, पोलियो को लौटने का मौका न दें.’ इसका इलाज नहीं, इसे सिर्फ होने से रोका जा सकता है.
यह संक्रामक बीमारी है, जो पोलियो के वायरस से होती है. सबसे ज्यादा खतरा पांच साल तक के बच्चों को होता है. इसलिए अपने बच्चों को पोलियो की ओरल खुराक दिलाएं या फिर वैक्सिनेशन जरूर लगवाएं.

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