लंदन : लंबे समय तक कॉफी पीने से अल्जाइमर से पीड़ित लोगों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं. अल्जाइमर रोग में स्मृति से जुड़ी दिक्कतें पेश आती हैं . हालांकि भूलने की इस बीमारी को तंत्रिका- मनोविकार की श्रेणी में भी रखा जाता है. इस बीमारी में लोगों में बेचैनी, अवसाद, मतिभ्रम जैसे लक्षण […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
लंदन : लंबे समय तक कॉफी पीने से अल्जाइमर से पीड़ित लोगों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं. अल्जाइमर रोग में स्मृति से जुड़ी दिक्कतें पेश आती हैं . हालांकि भूलने की इस बीमारी को तंत्रिका- मनोविकार की श्रेणी में भी रखा जाता है. इस बीमारी में लोगों में बेचैनी,
अवसाद, मतिभ्रम जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. हाल के अध्ययनों में मनोभ्रम( डिमेंशिया) को रोकने के लिए कॉफी या कैफीन के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया था. हालांकि इस बात के कोई सबूत नहीं थे कि एक बार संज्ञानात्मक क्षमता विकासित होने के बाद कैफीन के इस्तेमालका कोई नकारात्मक असर पड़ता है या नहीं.
इसके समाधान के लिए स्पेन के ऑटोनोमस यूनिवर्सिटी ऑफ बर्सिलोना और स्वीडन के कैरोलिन्स्का इंस्टिट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने अध्ययन किया. अध्ययन के निष्कर्ष में कैफीन से स्वस्थ चूहे के व्यवहार में बदलाव और अल्जाइमर से पीड़ित चूहों में तंत्रिका- मनोविकार के लक्षण के और गंभीर होने की बात सामने आई.