New Research : दूध में जीवाणु से हो सकता है गठिया

न्यूयॉर्क : दूध और गोमांस में आम तौर पर पाया जाने वाला एक जीवाणु एक प्रकार के गठिया के लिए कारक बन सकता है. एक अध्ययन के मुताबिक यह खतरा उन लोगों में ज्यादा रहता है जो आनुवांशिक रूप से इस जोखिम के दायरे में आते हैं. अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा (यूसीएफ) के […]

न्यूयॉर्क : दूध और गोमांस में आम तौर पर पाया जाने वाला एक जीवाणु एक प्रकार के गठिया के लिए कारक बन सकता है. एक अध्ययन के मुताबिक यह खतरा उन लोगों में ज्यादा रहता है जो आनुवांशिक रूप से इस जोखिम के दायरे में आते हैं.

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा (यूसीएफ) के शोधकर्ताओं ने रह्यूमेटॉयड आर्थ्राइटिस और मायकोबैक्टीरियम एवियम की उपप्रजाति पाराट्यूबरकुलोसिस जिसे एमएपी के तौर पर जाना जाता है, में एक संबंध की खोज की है.

यह जीवाणु अमेरिका की आधी से ज्यादा गायों में पाया जाता है. यह जीवाणु संक्रमित दूध, गोमांस या गाय के गोबर से बनी खाद से उर्वर उत्पादों के उपभोग से इंसानों में फैल सकता है.

एमएपी और गठिया के बीच संबंध से जुड़ा यह अध्ययन सबसे पहले जर्नल फ्रंटियर्स इन सेलुलर एंड इनफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित हुआ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >