घर जमाई बनने के लिए ब्लैकमेल करती है मेरी पत्‍नी

मेरी पत्नी चाहती है कि मैं घर जमाई बन कर अपने ससुराल में रहूं. मैं अपने परिवार का बड़ा बेटा हूं. पापा की मृत्यु के बाद मां और दो छोटे भाइयों की जिम्मेदारी मुझ पर ही है, इसलिए मैं ऐसा नहीं कर सकता. कुछ दिन पहले ही उसे कोर्ट से विदा करवा कर लाया हूं. […]

मेरी पत्नी चाहती है कि मैं घर जमाई बन कर अपने ससुराल में रहूं. मैं अपने परिवार का बड़ा बेटा हूं. पापा की मृत्यु के बाद मां और दो छोटे भाइयों की जिम्मेदारी मुझ पर ही है, इसलिए मैं ऐसा नहीं कर सकता. कुछ दिन पहले ही उसे कोर्ट से विदा करवा कर लाया हूं. कुछ दिनों तक तो वह ठीक-ठाक रही, पर कुछ रोज पहले फिर पेट्रोल डाल कर खुद को जलाने का नाटक किया. मैंने जब थाने में इसके खिलाफ शिकायत की, तो उल्टा मेरे ही खिलाफ केस दर्ज करके मुझे बेइज्जत किया. उसके मां-बाप भी उसे समझाने के बजाय उसका ही साथ देते हैं. ऐसे में बताएं मैं क्या करूं?
अंकित, चंद्रपुरा, झारखंड
आप दोनों में से कोई गलत नहीं हैं. मूल समस्या यह है कि आप दोनों ही अपने माता-पिता से प्यार करने के कारण उनके पास रहते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभाना चाहते हैं. बेहतर होगा आप धैर्य एवं प्यार से अपनी पत्नी को पुन: समझाने का प्रयास करें. अगर बात न बने, तो थाने में की गयी लिखित शिकायत की एक प्रति के साथ हाइकोर्ट में इंट्रोडक्टरी पिटिशन दाखिल कर सकते हैं, ताकि भविष्य में आपकी पत्नी द्वारा किये जानेवाले किसी आत्मदाही कृत्य से आपको परेशानी न झेलना पड़े.
हमारे बाबा पांच भाई थे. सारी जमीन बड़े और तीसरे बाबा के नाम खातियान में दर्ज है. बड़े बाबा अपने हिस्से की करीब नौ बीघे जमीन लेकर अलग हो गये थे. इस बंटवारे के कागजात हमारे पास है. बाकी चार में से तीन बाबा नि:संतान थे. तीनों ने अपने-अपने हिस्से की जमीन हमारे बाबा के नाम कर दी. इसके भी कागजात हैं. हमारे बाबा की मृत्यु के समय उनके दोनों पुत्र क्रमश: नौ वर्ष और छह माह था. इसका फायदा उठा कर गोतिया लोगों ने हमारी 10 बीघा पुश्तैनी जमीन हड़प ली और कोर्ट द्वारा आपस में बंटवारा भी करवा लिया, जबकि उनके पास कोर्ट के बंटवारे के अलावा जमीन संबंधी अन्य कोई कागजात नहीं है. ऐसे में हम अपनी जमीन कैसे पा सकते हैं?
भोला नाथ मिश्र, खगड़िया, बिहार
आप अपनी जमीन संबंधी कागजातों की प्रति सहित सिविल कोर्ट में टाइटल स्यूट फाइल करें.

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