World Laughter Day 2025 : 4 मई को मनाया जाता है विश्व हास्य दिवस, जानें इंटरेस्टिंग बातें

World Laughter Day 2025 : विश्व हास्य दिवस हर साल मई के पहले रविवार को मनाया जाता है, और 2025 में यह 4 मई को मनाया जाएगा, यहां जानें इस दिन से जुड़े कुछ सवालों के जबाब.

World Laughter Day 2025 : विश्व हास्य दिवस हर साल मई के पहले रविवार को मनाया जाता है, और 2025 में यह 4 मई को मनाया जाएगा. इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में हंसी के ज़रिए शांति, स्वास्थ्य और सौहार्द को बढ़ावा देना है. हंसी न केवल तनाव दूर करती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होती है. यह दिन लोगों को एक साथ लाकर पोसीटीविटी फैलाने का संदेश देता है, यहां जानें इस दिन से जुड़े कुछ सवालों के जबाब:-

1. विश्व हास्य दिवस कब मनाया जाता है और इसकी शुरुआत किसने की थी?

विश्व हास्य दिवस हर साल मई के पहले रविवार को मनाया जाता है. इसकी शुरुआत डॉ. मदन काटारिया ने 1998 में की थी. वे भारत के एक चिकित्सक हैं और ‘लाफ्टर योगा’ आंदोलन के संस्थापक हैं. पहला आयोजन मुंबई में किया गया था.

2. इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

इसका उद्देश्य दुनियाभर में शांति, भाईचारा और सकारात्मकता फैलाना है.हंसी को तनाव दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के साधन के रूप में प्रचारित किया जाता है. यह दिन लोगों को एक साथ लाकर खुशी बांटने के लिए मनाया जाता है. यह भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देता है.

3. ‘लाफ्टर योगा’ (हास्य योग) क्या है और इसका संबंध विश्व हास्य दिवस से कैसे है?

हास्य योग एक ऐसी तकनीक है जिसमें बिना वजह हंसी को व्यायाम और सांस लेने की क्रियाओं से जोड़ा जाता है. डॉ. मदन काटारिया ने इसे लोकप्रिय बनाया. यह मन और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होता है. विश्व हास्य दिवस इसी विचारधारा पर आधारित है.

4. विश्व हास्य दिवस पहली बार किस वर्ष और कहां मनाया गया था?

पहला विश्व हास्य दिवस 11 जनवरी 1998 को मनाया गया था..इसका आयोजन मुंबई, भारत में किया गया था. इसमें करीब 12 लोगों ने भाग लिया था. आज यह दुनियाभर के कई देशों में मनाया जाता है.

5. हंसी स्वास्थ्य के लिए कैसे लाभदायक होती है, इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कैसे समझाया जा सकता है?

हंसी से तनाव के हार्मोन (जैसे कॉर्टिसोल) कम होते हैं. यह इम्यून सिस्टम को मज़बूत करती है और दिल की सेहत में सुधार लाती है. हंसी से शरीर में एंडॉर्फिन नामक ‘फील-गुड’ हार्मोन का स्राव होता है. यह मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव को भी बढ़ावा देती है.

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By Ashi Goyal

Ashi Goyal is a contributor at Prabhat Khabar.

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