Vastu For Shoe And Slippers: जूते-चप्पल हम रोज इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इन्हें रखने के लिए घर में एक तय जगह होना जरूरी है. कई घरों में लोग इन्हें मुख्य दरवाजे के पास ही छोड़ देते हैं. इससे प्रवेश की जगह बिखरी हुई नजर आती है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर में जूते-चप्पल रखने की जगह का भी ध्यान रखना चाहिए. वास्तु में माना जाता है कि जूते-चप्पल को सही दिशा और सही जगह पर रखने से घर का माहौल व्यवस्थित और सकारात्मक बना रहता है. आइए आसान भाषा में जानते हैं कि शू रैक कहां रखना बेहतर माना जाता है और किन जगहों पर जूते-चप्पल रखने से बचना चाहिए.
दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें शू रैक
वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण जूते-चप्पल रखने के लिए अच्छी मानी जाती है. इस जगह पर शू रैक रखा जा सकता है. अगर यहां जगह नहीं है, तो घर की पश्चिम दिशा में भी शू रैक रखा जा सकता है. कोशिश करें कि जूते-चप्पल एक जगह पर ठीक से रखे रहें और घर का प्रवेश हिस्सा साफ दिखे.
मुख्य दरवाजे के ठीक सामने न रखें
जूते-चप्पल को घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने रखना अच्छा नहीं माना जाता. आने-जाने की जगह पर जूते जमा होने से घर का प्रवेश हिस्सा भी अस्त-व्यस्त दिख सकता है. अगर बाहर शू रैक रखना है, तो उसे दरवाजे से थोड़ा हटाकर दाएं या बाएं तरफ रखा जा सकता है.
ईशान कोण में शू रैक रखने से बचें
वास्तु में घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को खास माना जाता है. इस जगह को पूजा और ध्यान के लिए अच्छा माना जाता है. इसलिए यहां जूते-चप्पल या शू रैक रखने से बचना चाहिए. कोशिश करें कि यह हिस्सा साफ और खुला रहे.
पूर्व और आग्नेय दिशा में भी न रखें
वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा और दक्षिण-पूर्व यानी आग्नेय कोण में भी जूते-चप्पल रखने से बचने की सलाह दी जाती है. अगर घर में जगह कम है, तो शू रैक रखने के लिए पहले दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा को प्राथमिकता दें.
बेडरूम में जूते-चप्पल रखने से बचें
जूते-चप्पल को बेडरूम के अंदर रखने की आदत भी छोड़ना बेहतर है. खासकर बिस्तर के आसपास या कमरे के किसी खुले हिस्से में इन्हें रखने से कमरा बिखरा हुआ लग सकता है. घर में जूते-चप्पल के लिए एक अलग जगह बनाना ज्यादा अच्छा रहता है.
घर के बाहर रखें तो इन बातों का ध्यान दें
अगर घर के अंदर शू रैक के लिए जगह नहीं है, तो इसे बाहर रखा जा सकता है. लेकिन रैक को मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने रखने के बजाय थोड़ा किनारे रखें. जूते-चप्पल को खुले में बिखेरने के बजाय एक रैक में रखना ज्यादा अच्छा रहेगा. इससे प्रवेश की जगह साफ और व्यवस्थित दिखाई देगी.
शू रैक को हमेशा साफ रखें
शू रैक में बहुत पुराने, टूटे या इस्तेमाल में न आने वाले जूते-चप्पल जमा करके न रखें. जो चीजें अब काम की नहीं हैं, उन्हें अलग कर दें. रैक की समय-समय पर सफाई करते रहें और जूतों को भी ठीक से रखें. इससे घर का यह हिस्सा साफ और व्यवस्थित नजर आएगा.
छोटी सी बात का रखें ध्यान
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार जूते-चप्पल रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है. वहीं पूजा की जगह, मुख्य दरवाजे के ठीक सामने और घर के खास हिस्सों में इन्हें रखने से बचने की सलाह दी जाती है. सबसे जरूरी बात यह है कि जूते-चप्पल एक तय जगह पर रखें, रैक को साफ रखें और आने-जाने की जगह को खुला रखें. इससे घर भी साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आएगा.
यह भी पढ़ें: 2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर
