भारत के इस पड़ोसी देश में अपने जन्मदिन पर कोई भी अपने बाल नहीं कटवाता, जानें यहां के फेमस टूरिस्ट स्पॉट

Interesting Facts About Myanmar in Hindi,Tourist Places of Myanmar: म्यांमार जिसे बर्मा (Burma) भी कहा जाता है, दक्षिण पूर्वी एशिया का हिस्सा है.1989 में इसका आधिकारिक नाम बर्मा संघ से बदलकर म्यांमार संघ कर दिया गया. म्यांमार तुलनात्मक रूप से छोटी आबादी वाला एक बड़ा देश है

Interesting Facts About Myanmar in Hindi: म्यांमार, आधिकारिक तौर पर द रिपब्लिक ऑफ द यूनियन ऑफ़ म्यांमार के रूप में जाना जाता है, यह पूर्वी एशिया में स्थित है. भारत का पड़ोसी म्यांमार नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे भारतीय राज्यों के साथ अपनी सीमा साझा करता है. म्यांमार का क्षेत्रफल 6,76,578 वर्ग किमी है और यह मुख्यभूमि दक्षिण पूर्व एशियाई राज्यों में सबसे बड़ा है. नाएप्यीडॉ म्यांमार की राजधानी है. देश एक द्विसदनीय विधायिका के साथ राष्ट्रपति गणतंत्र द्वारा शासित है. राज्य का प्रमुख देश का राष्ट्रपति होता है.

म्यांमार जिसे बर्मा (Burma) भी कहा जाता है, दक्षिण पूर्वी एशिया का हिस्सा है.1989 में इसका आधिकारिक नाम बर्मा संघ से बदलकर म्यांमार संघ कर दिया गया. म्यांमार तुलनात्मक रूप से छोटी आबादी वाला एक बड़ा देश है. म्यांमार के बारे में कई आश्चर्यजनक तथ्य हैं जो इस देश को अद्वितीय बनाते हैं. म्यांमार में कुल आबादी के 90% लोगो का प्रमुख धर्म थेरवाद बौद्ध धर्म है. इस देश के मुख्य धर्म बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म, ताओवाद, इस्लाम और ईसाई धर्म हैं.

म्यांमार (Burma) एक ऐसा देश है जो वास्तव में अपने अनूठे, स्वस्थ और सुगंधित सलाद के लिए भी जाना जाता है. म्यांमार उन कुछ देशों में से एक है जहां चाय को एक पेय के रूप में और खाद्य व्यंजन के रूप में, मसालेदार या किण्वित चाय के रूप में खाया जाता है, जो इस क्षेत्र के लिए अद्वितीय है.

म्यांमार में मछलियों और स्तनधारियों की एक विस्तृत श्रृंखला पाई जाती है, लेकिन संभवतः इसकी असली पहचान हाथियों, समुद्री गायों, जंगली भैंसों, बाघों और तेंदुओं से होती है. यहां पाई जाने वाली पक्षियों की 800 से अधिक प्रजातियां इसे एक पक्षीविज्ञानी का स्वर्ग बनाती हैं. अंग्रेजों ने 1824 से 1948 तक अपने शासनकाल के दौरान ‘म्यांमार’ को ‘बर्मा’ के नाम से सम्बोधित किया था. बर्मा नाम प्रमुख ‘बमर’ जातीय समूह से लिया गया है, जो म्यांमार की आबादी का 70% हिस्सा है.

म्यांमार में, आप चाय खा सकते हैं

थोड़ा अजीब लगता है ना? लेकिन म्यांमार में आप चाय को एक पेय के रूप में नहीं बल्कि सलाद के रूप में खा भी सकते हैं. म्यांमार में, देश का सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध व्यंजन ‘लाहपेट थोह ( Lahpet Thoke )’ सलाद है, इस व्यंजन को ‘लाहपेट ( Lahpet ) ‘ यानि मसालेदार या किण्वित चाय की पत्तियों से बनाया जाता है.

‘श्वेदागोन पगोडा’ को हीरों से सजाया गया है

यह झिलमिलाता हुआ स्वर्ण स्तूप न केवल पूरी तरह से सोने की सैकड़ों परत से ढका है, बल्कि इसका शिखर भाग भी 4,500 से अधिक हीरों से सजा हुआ है. शिखर पर सजा सबसे बड़ा हीरा, 72 कैरेट का है.यांगून का ‘श्वेदागोन पगोडा’ स्पष्ट रूप से धार्मिक दुनिया के आश्चर्यों में से एक है और वास्तुकला, मूर्तियों और मूर्तिकला कला के सर्वश्रेष्ठ खजाने में से एक है.

दुनिया में बेहतरीन माणिक म्यांमार में पाए जाते हैं

मंडाले क्षेत्र में मोगोक और शान राज्य में मोंग सू से अनुपचारित माणिक क्रोमियम में उच्च और लोहे से कम युक्त होते हैं, जिससे उन्हें उच्च प्रतिदीप्ति प्राप्त होती है और जो कि कबूतर के खून के रंग की तरह प्रतिष्ठित होता है. उन सभी मणिको में से सबसे प्रसिद्ध, ‘Graff Ruby’ नामक अंगूठी है जिसे 2015 में सोथबी की नीलामी में 8.6 मिलियन डॉलर प्राप्त हुए थे, जो की एक नया विश्व रिकॉर्ड है.

अंधविश्वास का भी है बोलबाला

म्यांमार में सोमवार, शुक्रवार और अपने जन्मदिन पर कोई भी अपने बाल नहीं कटवाता है. पूरे देश में बाल कटाने को लेकर अंधविश्वास का बोलबाला है. म्यांमार में अप्रैल में नया साल मनाया जाता है. अप्रैल में नए साल की पूर्व संध्या पर (Thingyan) थिंग्यान, एक बहुत लोकप्रिय “पानी फेंकने वाला त्यौहार” मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि पानी फेंकने से आपके पिछले साल के सभी दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं.

म्यांमार में, बहुत से लोग उनके चेहरे पर पीला पाउडर का पेस्ट लगते है जिसे थनाका कहते हैं.यह मध्य म्यांमार के एक विशेष पेड़ की छाल के साथ पानी को पीसकर बनाया गया फेस कॉस्मेटिक पेस्ट है. म्यांमार की महिलाये अपनी शरीर की त्वचा को निखारने के लिए पिछले 2 हजार वर्षो से पेड़ की छाल से बनी पेस्ट का उपयोग करती है

म्यांमार में घूमने के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थान कौन से हैं?

सुले पगोडा- यांगून में सुले पगोडा में बुद्ध के बाल के अवशेष हैं और यह व्यस्त शहर के बीच में शांति और ध्यान के लिए एक आदर्श स्थान है.

माउंट पोपा- अगर आप पैदल यात्रा करना पसंद करते हैं तो आपको यहां जरूर जाना चाहिए. मांडले में विलुप्त ज्वालामुखी आपको शीर्ष पर ले जाएगा और आपको मैदानी इलाकों के मनोरम दृश्यों से पुरस्कृत करेगा.

श्वेदागोन पैगोडा- म्यांमार के सबसे पवित्र पैगोडा में से एक, जो सुनहरी चट्टान से बना है, इसकी वास्तुकला आपकी सांसें रोक देगी.

कलाव- यह स्थान अपने अद्भुत ट्रैकिंग ट्रेल्स और खूबसूरत सुरम्य स्थलों के लिए जाना जाता है. यदि आप अपने अंदर के साहसी को शांत करना चाहते हैं, तो यह सही जगह है.

मैकलियोड द्वीप- यदि आप चारों ओर अद्भुत दृश्य देखना चाहते हैं और वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता का पता लगाना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक आदर्श विकल्प है.

मांडले पैलेस- शहर के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाने के लिए आपको इस जगह पर जरूर जाना चाहिए.

महा बंदूला गार्डन- यांगून में एक उद्यान, यह दर्शनीय स्थलों की यात्रा के बाद अपने दोस्तों और परिवार के साथ आराम करने के लिए एक आदर्श स्थान है.

यू बेइन ब्रिज- सूर्यास्त के समय पुल पर चलें और ताउंगथामन झील के आसपास के आश्चर्यजनक दृश्यों की प्रशंसा करें.

मेरगुई द्वीपसमूह- कुछ अनोखी जीवंत मछलियों को देखने और पानी के नीचे समुद्री जीवन का पता लगाने के लिए शांत पानी में गोता लगाएं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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