Surya Grahan 2022, Remedies after Solar Eclipse: सूर्यग्रहण के बाद करें ये उपाय, होगा आश्चर्यजनक असर

Surya Grahan 2022, Remedies after Solar Eclipse: माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान और बाद में किए गए उपाय भी बहुत अधिक प्रभावशाली हो जाते हैं. अगर सूर्य ग्रहण के ठीक बाद धन प्राप्ति के उपाए किए जाएं तो सफलता मिलती है. ग्रहण के बाद करें ये काम

Surya Grahan, Remedies after Solar Eclipse 2022: आज .यानी दिवाली के अगले दिन साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. दिवाली के अगले दिन  सूर्यग्रहण लग रहा है, ऐसे संयोग 27 साल बाद होने जा रहा है. सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले 24 अक्टूबर को मध्यरात्रि से ही प्रारंभ हो जाएगा.

सूर्यग्रहण के दौरान और बाद में किए गए उपाय काफी कारगर

माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान और बाद में किए गए उपाय भी बहुत अधिक प्रभावशाली हो जाते हैं. अगर सूर्य ग्रहण के ठीक बाद धन प्राप्ति के उपाए किए जाएं तो सफलता मिलती है. यही कारण है कि माना जाता है कि खास उपायों (Grahan Upay) से प्राप्त होने वाले धन से घर में बरकत आती है.

दिवाली का उपाय करें ग्रहण में

दिवाली की पूजा के बाद अगली सुबह से ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें मंदिरों के पट बंद रहते हैं, इसलिए माता लक्ष्मी के पूजन की चौकी भी ग्रहण काल के समाप्त होने के बाद ही उठाई जाएगी.

सूर्य ग्रहण 2022 समय

सूर्य ग्रहण आरंभ- 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू
सूर्य ग्रहण समाप्त- 5 बजकर 42 मिनट तक

सूर्य ग्रहण 2022 का सूतक काल

सूतक काल का प्रारंभ: 25 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 17 मिनट से शुरू
सूतक काल का समापन: 25 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 42 मिनट पर

ग्रहण के बाद करें ये काम

 ग्रहण का मोक्ष यानी पूरा समय होने के बाद मकान, दुकान, प्रतिष्ठान की साफ सफाई कर अच्छे से धुलाई करें. संभव हो तो पूरे घर को नमक के पानी से धोएं. इसके बाद खुद भी स्नान कर देवी देवताओं को स्नान कराएं. इसके बाद खाद्य पदार्थों पर गंगाजल छिड़क कर उनको शुद्ध करें. ग्रहण के प्रभाव सभी तरह के ग्रहण यानि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर लागू होते हैं.
ग्रहण के बाद खुद भी स्नान करें और देवी-देवताओं को भी स्नान कराएं. खाने की चीजों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करें और उसके बाद ही ग्रहण करें.

ग्रहण के बाद करें ये काम

 ग्रहण का मोक्ष यानी पूरा समय होने के बाद मकान, दुकान, प्रतिष्ठान की साफ सफाई कर अच्छे से धुलाई करें. संभव हो तो पूरे घर को नमक के पानी से धोएं. इसके बाद खुद भी स्नान कर देवी देवताओं को स्नान कराएं. इसके बाद खाद्य पदार्थों पर गंगाजल छिड़क कर उनको शुद्ध करें. ग्रहण के प्रभाव सभी तरह के ग्रहण यानि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर लागू होते हैं.
ग्रहण के बाद खुद भी स्नान करें और देवी-देवताओं को भी स्नान कराएं. खाने की चीजों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करें और उसके बाद ही ग्रहण करें.

जानिए ग्रहण के बाद धन प्राप्ति के लिए क्या करें

स्नान, ध्यान और पूजा

सूर्यग्रहण का वक्त समाप्त होने के बाद हर किसी को स्नान करना चाहिए. स्नान के बाद माता महालक्ष्मी को लाल रंग का पुष्प अर्पित करना चाहिए और फिर उनसे प्रार्थना करें कि वह आपके घर-परिवार में अपनी कृपा करें .

दुख, दर्द हो दूर

ग्रहण के बाद आप एक कमल के फूल पर कुमकुम लगाएं और फिर उसको बहते हुए पानी में डालें. साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करें वो इस फूल के साथ आपके घर-परिवार के सभी दुख, परेशानी, संकट और दरिद्रता दूर होंगे.

करें ये एक उपाय

इस दिन आप सबसे पहले एक कटोरी आटा लें, एक कटोरी चावल ले, एक कटोरी काली उड़द की दाल ले और कुछ पैसे लेकर इसको अपने हाथ में लेकर ईश्वर का ध्यान करें और फिर मन से कहें कि हे प्रभु ये सूर्यग्रहण हमारे और हमारे परिवार के लिए शुभ फल प्रदान करने वाला साबित हो.साथ ही प्रार्थना करें कि भगवान आप पर कृपा करें और हर दुख से दूर करें,

तुलसी पूजन

अपने परिवार सहित भगवान श्रीहरि और माता तुलसी के नामों का जाप करें उनके नामों और मंत्रों का श्रद्धासहित पाठ करें. माना जाता हैकियह बहुत सरल और कारगर उपाय है. इस उपाए को करने से मां लक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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