राष्ट्रपति के ADC की ड्यूटी आसान नहीं, Major Rishabh ने बताया 11 से 12 पन्नों की होती है चेकलिस्ट

राष्ट्रपति के एड-डी-कैंप (ADC) की भूमिका बेहद अहम होती है. पूर्व ADC Major Rishabh Singh Sambyal ने राज शामनी के पॉडकास्ट में बताया कि ADC की जिम्मेदारी 11-12 पन्नों की चेकलिस्ट में समाहित होती है, जिसमें राष्ट्रपति के खान-पान से लेकर कार्यक्रम की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था शामिल होती है.

राष्ट्रपति के साथ काम करने वाले एड-डी-कैंप यानी ADC की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है. पूर्व ADC Major Rishabh Singh Sambyal ने Raj Shamani के पॉडकास्ट में इस भूमिका से जुड़ी कई जानकारियां साझा कीं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के तौर पर काम शुरू करते समय उन्हें करीब 11 से 12 पन्नों की एक चेकलिस्ट दी गई थी. इसमें सैकड़ों छोटी-बड़ी जिम्मेदारियां शामिल थीं.

ADC की चेकलिस्ट में क्या होता है?

Major Rishabh के अनुसार, ADC की चेकलिस्ट में राष्ट्रपति की गतिविधियों से जुड़ी कई जरूरी बातें शामिल होती हैं. इसमें राष्ट्रपति के एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने, कार्यक्रमों में शामिल होने, लोगों से मिलने और विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां होती हैं.

उन्होंने बताया कि समय के साथ यह चेकलिस्ट उन्हें लगभग याद हो गई थी. ADC को यह ध्यान रखना होता है कि राष्ट्रपति की गतिविधि के दौरान क्या-क्या होना चाहिए और किन परिस्थितियों में क्या समस्या आ सकती है.

राष्ट्रपति के कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी

ADC का काम केवल राष्ट्रपति के साथ रहना नहीं होता. Major Rishabh ने बताया कि ADC राष्ट्रपति की आधिकारिक, व्यक्तिगत और पेशेवर जरूरतों के बीच समन्वय का काम करता है.

किसी कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था, समय पर पहुंचना, संबंधित अधिकारियों से संपर्क, जरूरी सामान और दूसरी व्यवस्थाओं पर भी ADC को नजर रखनी होती है. छोटी-सी कमी होने पर भी संबंधित टीम को इसकी जानकारी दी जाती है, ताकि ऐसी गलती दोबारा न हो.

खाने और पानी की भी होती है जांच

पॉडकास्ट में Major Rishabh ने राष्ट्रपति के भोजन और पानी से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी बताया. उनके अनुसार, राष्ट्रपति के कमरे में रखा जाने वाला पानी का गिलास भी सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होता है. गिलास को साफ करने, जांचने और तय प्रक्रिया के तहत रखने की जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की होती है.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, मसाले और संभावित एलर्जी जैसी बातों का भी ध्यान रखा जाता है. भोजन को परोसे जाने से पहले उसकी जांच की जा सकती है. विदेश या दूसरे शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रपति के शेफ को पहले भेजकर स्थानीय रसोइयों को भोजन से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाती है.

छोटी गलती पर भी होती है समीक्षा

Major Rishabh ने बताया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में अगर पानी का गिलास समय पर न पहुंचे, कुर्सी की व्यवस्था में देरी हो या कालीन से जुड़ी कोई समस्या हो, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि हर छोटी गलती पर सजा नहीं दी जाती, लेकिन यह जरूर देखा जाता है कि गलती क्यों हुई. इसके बाद संबंधित एजेंसियों को सतर्क किया जाता है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए.

ADC कैसे बनते हैं?

राष्ट्रपति के ADC का चयन सशस्त्र सेनाओं से किया जाता है. Army, Navy और Air Force अपने पात्र अधिकारियों में से चयन प्रक्रिया के लिए नामों को शॉर्टलिस्ट करती हैं. इसके बाद संबंधित प्रक्रिया और मूल्यांकन के आधार पर अधिकारियों का चयन किया जाता है.

ADC बनने के लिए अधिकारी में अनुशासन, बेहतर संवाद क्षमता, जिम्मेदारी निभाने की क्षमता, शारीरिक फिटनेस और दबाव में सही निर्णय लेने की योग्यता जरूरी होती है. हालांकि, चयन की पूरी प्रक्रिया, मानदंड और चरण सेवा तथा संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार तय होते हैं.

राष्ट्रपति के ADC की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?

राष्ट्रपति के ADC को हर कार्यक्रम और यात्रा से पहले कई स्तरों पर तैयारी करनी होती है. उन्हें राष्ट्रपति के कार्यक्रम, समय, सुरक्षा प्रोटोकॉल, अधिकारियों के साथ समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी होती है.

Major Rishabh की बातों से स्पष्ट होता है कि ADC की भूमिका केवल एक औपचारिक पद नहीं है. इसमें लगातार सतर्क रहना, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना शामिल है.

नोट: Major Rishabh ने ये बातें Raj Shamani के पॉडकास्ट में अपने अनुभव के आधार पर बताई हैं. चेकलिस्ट और जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारी उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है.

राष्ट्रपति के ADC की चेकलिस्ट कितने पन्नों की होती है?

Major Rishabh Singh Sambyal ने बताया कि ADC के तौर पर काम शुरू करते समय उन्हें करीब 11 से 12 पन्नों की चेकलिस्ट दी गई थी. इसमें सैकड़ों छोटी-बड़ी जिम्मेदारियां शामिल थीं.

राष्ट्रपति के ADC का क्या काम होता है?

ADC राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, यात्राओं, बैठकों और जरूरी व्यवस्थाओं में समन्वय करता है. उसे समय, प्रोटोकॉल, अधिकारियों से संपर्क और कार्यक्रम से जुड़ी छोटी-बड़ी बातों का ध्यान रखना होता है.

राष्ट्रपति के ADC कैसे बनते हैं?

राष्ट्रपति के ADC का चयन Army, Navy और Air Force के पात्र अधिकारियों में से किया जाता है. इसके लिए संबंधित चयन प्रक्रिया, मूल्यांकन और सेवा के निर्धारित मानदंडों को पूरा करना होता है.

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By संतोष कुमार

संतोष कुमार एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर हैं। उनकी रुचि के प्रमुख क्षेत्रों में साइबर सिक्योरिटी, IoT सिक्योरिटी, सैटेलाइट सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, वल्नरेबिलिटी रिसर्च और डिजिटल फोरेंसिक शामिल हैं। वे टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी कम्युनिटी में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और सिक्योरिटी रिसर्च, वल्नरेबिलिटी एनालिसिस तथा उभरती हुई तकनीकों पर नियमित रूप से काम करते हैं।

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