Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के नजरिये से अगर देखें तो एक नया घर सिर्फ चार दीवारों का ढांचा नहीं होता है, इसे आपकी नयी जिंदगी की शुरुआत का भी प्रतीक माना गया है. हर कोई यह जरूर चाहता है कि उसके नए घर में हमेशा ही सुख-समृद्धि, शांति और पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहे. लेकिन कई बात ऐसा भी होता है कि हमारी कुछ छोटी-छोटी गलतियों और चीजों को अनदेखा कर देने की आदत की वजह से इसका असर पूरे घर पर पड़ने लग जाता है. वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे आसान उपाय बताये गए हैं, जिन्हें अगर आप अपने नए घर में प्रवेश करने से पहले अपनाते हैं, तो आपके घर का माहौल काफी हद तक बेहतर हो सकता है. अगर आप आने वाले कुछ ही दिनों में अपने नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बेहद ही छोटे लेकिन जरूरी बदलावों को करके आप अपने जीवन को ज्यादा शांत और बैलेंस्ड बनाये रख सकते हैं. चलिए इन बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
मुख्य द्वार की सफाई और सही दिशा का रखें ख्याल
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है. यह वही जगह है जहां से घर के अंदर एनर्जी प्रवेश करती है. अगर आप अपने नए घर में शिफ्ट करने जा रहे हैं, तो पहले ये जरूर देख लें कि दरवाजा साफ और मजबूत हो. इसमें किसी भी तरह के क्रैक्स नहीं होने चाहिए. दरवाजे के सामने कोई रुकावट जैसे कि एक बड़ा पेड़, बिजली का खंभा या फिर कचरा नहीं होना चाहिए. अगर दरवाजे के पास जूते और चप्पल बिखरे पड़े हुए हैं तो उन्हें बिना देरी किये व्यवस्थित कर लें. इसके अलावा आपको अपने मुख्य द्वार को हल्के और शुभ रंगों से भी सजाकर रखना चाहिए.
पूजा स्थल को सही दिशा में सेट करें
जब आप एक नए घर में शिफ्ट हो रहे होते हैं तो आपको पूजा स्थल को भी सही दिशा में रखने की कोशिश करनी चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है. नए घर में शिफ्ट होने से पहले यह जरूर तय कर लें कि मंदिर की जो जगह है वह साफ, व्यवस्थित और पूरी तरह से शांत हो. इस जगह पर कभी भी बेकार की चीजों को न रखें और हमेशा यह कोशिश भी करें कि यह जगह घर के बाकी सभी हिस्सों से थोड़ी अलग और पवित्र बनी रहे. जब आप इस बात का ख्याल रखते हैं तो आपको मेंटल पीस मिलता है और पॉजिटिव एनर्जी भी बनी हुई रहती है.
किचन की सही दिशा और साफ-सफाई
वास्तु शास्त्र में किचन को घर की एनर्जी का सोर्स बताया गया है. इसलिए जब आप एक नए घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं, तो पहले उसकी दिशा और उसकी व्यवस्था की जांच जरूर करें. वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे अच्छा माना जाता है. इसके अलावा गैस स्टोव और पानी का स्थान एक-दूसरे के सामने नहीं होना चाहिए. कोशिश करें कि किचन को हमेशा ही साफ और व्यवस्थित करके रखें. अगर टूटे-फूटे बर्तन या फिर खराब आइटम्स हैं तो उन्हें बिना देरी किये वहां से हटा हैं. अगर इस तरह की चीजें होंगी तो आपके घर पर निगेटिव एनर्जी बढ़ने लग जाएगी.
बेडरूम की सही सेटिंग और कम्फर्टेबल माहौल
हमारे घर का बेडरूम ही वह जगह है जहां पर हम आराम करते हुए सबसे ज्याद समय बिताते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि आपको इसे हमेशा सही तरीके से रखने की कोशिश करनी चाहिए. नए घर में शिफ्ट होने से पहले बिस्तर की दिशा को सही कर लें. आपको इस बात का खास ख्याल रखना है कि सोते समय आपका सिर हमेशा ही दक्षिण या फिर पूर्व दिशा में ही रहे. इसके अलावा कभी भी कमरे में बहुत ही ज्यादा हैवी चीजें या फिर बेकार की चीजें भी न रखें. अपने बेडरूम में हमेशा ही हल्के और मन को शांत करने वाले रंगों का इस्तेमाल करें. जब आप ऐसा करते है तो आपके मन को शांति मिलती है और साथ ही आपको नींद भी अच्छी आती है. अगर पॉसिबल हो तो बिस्तर के सामने कभी भी आइना न लगाएं, क्योंकि वास्तु शास्त्र में इसे कभी भी अच्छा नहीं माना गया है.
घर की रोशनी और हवा का बैलेंस
आपके घर में नेचुरल रोशनी और फ्रेश हवा का आना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है. जब आप एक नए घर में शिफ्ट हो रहे हों, तो सबसे पहले यह देख लें कि हर कमरे में पर्याप्त रोशनी आ रही है या फिर नहीं. इसके अलावा आपको यह भी देखना है कि हवा के आने जाने का अच्छे से इंतजाम भी किया गया हो. अंधेरे और बंद कमरों में निगेटिव एनर्जी बढ़ सकती है. अपने घर की खिड़कियों को साफ रखें और दिन में नेचुरल रोशनी का ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करें.
ये भी पढ़ें: बिस्तर या दरवाजे पर गीला तौलिया टांगना शुभ होता है या अशुभ? जानिए इस बारे में क्या कहता है वास्तु शास्त्र
