International Museum Day 2023: आज है इंटरनेशनल म्यूजियम डे, जानें इसका इतिहास और महत्व

International Museum Day 2023: हर साल आज यानी 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है. संग्रहालय दिवस दुनिया के तमाम देशों में मनाते हैं. जानिए अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का इतिहास, इस दिन को मनाने के पीछे का कारण और महत्व

International Museum Day 2023:  प्रतिवर्ष आज के दिन यानी 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है. संग्रहालय दिवस दुनिया के तमाम देशों में मनाते हैं. 2009 तक संग्रहालय दिवस को 90 से अधिक देशों में मनाया जाने लगा था. जानिए अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस का इतिहास, इस दिन को मनाने के पीछे का कारण और महत्व

इंटरनेशनल म्यूजियम डे मनाने के इतिहास

संग्रहालयों के दिन को अपनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद ने मास्को, रूस में एक आम बैठक आयोजित की थी. जिसके बाद, 1977 में पहला अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (IMD) मनाया गया था. इस दिवस को बनाने से पहले, साल 1951 में, अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद ने संग्रहालयों के विकास पर आमतौर पर चर्चा करने के लिए “संग्रहालयों के लिए धर्मयुद्ध” के लिए एक बैठक की थी. इस दिन को ‘संग्रहालयों की रचनात्मक आकांक्षाओं और प्रयासों को और एकजुट करने व दुनिया के लोगों का ध्यान उनकी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने के लिए नामित किया गया था. इस विशेष दिन में भाग लेने के लिए हर साल सभी संग्रहालयों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य संग्रहालयों को आमंत्रित किया जाता है.

करें संग्रहालयों का ऑनलाइन टूर

आजकल गूगल पर कई सारे संग्रहालयों के ऑनलाइन टूर करवाये जाते हैं, ऐसे में आप अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर ये कर सकते हैं. कोरोना के कारण देश-विदेश के कहीं के भी संग्रहालय जाना तो संभव नहीं है लेकिन घर बैठे यदि संग्रहालय देखने का इस तरह का मौका मिल रहा है तो उसे खाली नहीं जाने दें. ऑनलाइन म्यूजियम टूर में भारत के किसी भी सरकार की देखरेख में आने वाले संग्रहालय का टिकट नहीं लगता है.

भारत के पहले संग्रहालय के बारे में जानिए

पश्चिम बंगाल के कलकत्ता (अब कोलकाता) में हावड़ा जंक्शन से चार किलोमीटर की दूरी पर एक महराबदार भव्य सफेद इमारत है, जिसके जालीदार छज्जे और हरे भरे कैंपस में चारो तरफ जाने वाले रास्ते के बीचोंबीच लगा सुंदर गोल फव्वारा इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है. यह भारतीय संग्रहालय है जो दुनिया के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है. इसे दो फरवरी 1814 को खोला गया और यहां दुनियाभर की कई दुर्लभ कलाकृतियों और सहेजकर रखने लायक बहुत सी वस्तुओं का विशाल संग्रह है. संग्रहालय इतना बड़ा है कि इसमें दिलचस्पी रखने वालों को इसे पूरा देखने में कई दिन का समय लग सकता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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