UPI ने आसान किया पेमेंट या बढ़ा दिया खर्च? जानें क्या कहते हैं लोग

Digital Payment: क्या UPI और डिजिटल पेमेंट की वजह से आपका खर्च भी बढ़ गया है? जानिए कैसे 'कैशलेस' होना हमारी शॉपिंग आदतों को बदल रहा है और खर्चों को कंट्रोल करने के आसान टिप्स.

Digital Payment: आज के समय में जेब में कैश रखना काफी कम हो गया है. चाय-नाश्ते से लेकर किराने का सामान, कपड़े, खाना और ऑनलाइन शॉपिंग तक, ज्यादातर पेमेंट UPI या कार्ड (Digital Payment) से आसानी से हो जाते हैं. कुछ सेकंड में पेमेंट पूरा होता है और मोबाइल पर सिर्फ एक नोटिफिकेशन आता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पेमेंट का यह आसान तरीका आपकी शॉपिंग हैबिट को भी बदल रहा है. 

डिजिटल पेमेंट और बढ़ते खर्च के इसी कनेक्शन को समझने के लिए हमने साहिबगंज और रांची की रहने वाली स्टूडेंट्स से बात की और जाना कि UPI और कार्ड से पेमेंट करने के बाद उनकी खर्च करने की आदतों में कितना बदलाव आया है. 

UPI पेमेंट को लेकर क्या कहती हैं स्टूडेंट?

साहिबगंज की रहने वाली स्टूडेंट सुष्मिता दे ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा,

“एक तरह से UPI ने भारत को डिजिटल बनाने में काफी मदद की है. पहले डिजिटल पेमेंट को लेकर लोग ज्यादा सोच-विचार करते थे और इसकी सुविधा भी हर जगह उपलब्ध नहीं थी. लेकिन अब लगभग हर छोटी-बड़ी दुकान पर UPI पेमेंट की सुविधा मिल जाती है. इससे कस्टमर के लिए पेमेंट करना काफी आसान हो गया है. खास बात यह है कि अब लोग डिजिटल पेमेंट का यूज करने में पहले की तरह हिचकिचाते भी नहीं हैं और यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.” 

कैश खर्च करने पर ज्यादा महसूस होता है

जब हम कैश से कुछ खरीदते हैं, तो पैसे अपनी आंखों के सामने जाते हुए दिखाई देते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 1000 रुपये हैं और आप 300 रुपये खर्च कर देते हैं, तो हाथ में बचे 700 रुपये देखकर तुरंत अंदाजा हो जाता है कि कितना पैसा निकल चुका है.

यही एहसास हमें अगली खरीदारी से पहले थोड़ा सोचने पर मजबूर कर सकता है. लेकिन डिजिटल पेमेंट में यह अनुभव अलग होता है. मोबाइल पर कुछ टैप करने के बाद पेमेंट हो जाता है और खर्च किए गए पैसे का एहसास उतना तुरंत नहीं होता.

Digital Payment: UPI ने छोटी खरीदारी को बना दिया आसान

UPI की वजह से छोटी से छोटी चीज खरीदना भी बेहद आसान हो गया है. 20-30 रुपये की चाय हो या 100-200 रुपये का स्नैक, पेमेंट करने में कुछ सेकंड ही लगते हैं. यही सुविधा कई बार बार-बार खरीदारी करने की आदत को बढ़ा सकती है.

खासकर जब सामने कोई पसंदीदा खाना, कपड़ा या ऑनलाइन ऑफर दिखे, तो कैश निकालने या पैसे गिनने की जरूरत नहीं पड़ती. बस फोन निकालिए और पेमेंट कर दीजिए. इस तरह छोटी-छोटी खरीदारी पर ध्यान कम जा सकता है.

स्टूडेंट्स ने बताया अपना एक्सपीरियंस

रांची की स्टूडेंट रंजना कुमारी ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा,

“डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी काफी आसान कर दी है. पहले पैसे भेजने के लिए बैंक जाने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब कुछ ही सेकंड में कहीं से भी पेमेंट हो जाता है. किसान से लेकर बड़े बिजनेसमैन तक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव है. हालांकि, UPI या कार्ड से पेमेंट आसान होने के कारण कई बार हम बिना सोचे खरीदारी कर लेते हैं. वहीं, ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरी तरह डिजिटल पेमेंट पर निर्भर रहना भी सही नहीं है. इसलिए मेरे हिसाब से डिजिटल पेमेंट के साथ कुछ कैश रखना भी जरूरी है, ताकि सुविधा और सुरक्षा दोनों बनी रहें.”

खर्च कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

अगर आपको लगता है कि डिजिटल पेमेंट के बाद खर्च बढ़ गया है, तो हर महीने एक बजट तय करें. UPI और कार्ड से होने वाले खर्च का हिसाब नियमित रूप से चेक करें. सुविधा के लिए UPI और कार्ड का इस्तेमाल करना बिल्कुल ठीक है, लेकिन खर्च का हिसाब रखना भी उतना ही जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By स्मिता दे

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग इनकी रुचि है. ये लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ और ट्रेंडिंग टॉपिक्स कवर करती है. रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उपयोगी और रोचक जानकारी रीडर्स तक पहुंचाना इन्हें पसंद है.

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