Chandra Grahan 2024: चंद्रग्रहण, समय और ज्योतिषीय महत्व

Chandra Grahan 2024: आज, 2024 का आखिरी आंशिक चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा, जो भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन लगेगा. जानें चंद्रग्रहण का सही समय, ज्योतिषीय प्रभाव, और इसके पीछे का वैज्ञानिक महत्व.

Chandra Grahan 2024: 2024 का आखिरी चंद्रग्रहण, महत्वपूर्ण जानकारी और ज्योतिषीय महत्व आज साल 2024 का आखिरी चंद्रग्रहण है. यह साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण होगा, जो भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन लगेगा. इस बार का चंद्रग्रहण आंशिक होगा, जिसका वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान है.

चंद्रग्रहण तीन प्रकार के होते हैं

पूर्ण चंद्रग्रहण – जब पृथ्वी पूरी तरह से चंद्रमा को ढक लेती है.

आंशिक चंद्रग्रहण – जब पृथ्वी का केवल एक हिस्सा चंद्रमा को ढकता है.

उपछाया चंद्रग्रहण – जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है, जिससे उसका रंग थोड़ा धुंधला हो जाता है.

इस बार का चंद्रग्रहण आंशिक होगा, जिसका ज्योतिष शास्त्र में भी विशेष महत्त्व है. माना जाता है कि चंद्रग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ता है, और इसे हिंदू धर्म में शुभ घटनाओं के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.

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चंद्रग्रहण का समय

आज का चंद्रग्रहण सुबह 6:12 बजे से शुरू होगा और यह करीब 10:17 बजे तक रहेगा. यह ग्रहण चरणों में घटित होगा, जिनमें उपछाया और आंशिक ग्रहण शामिल हैं. नीचे दिए गए समय के अनुसार आप चंद्रग्रहण के अलग-अलग चरणों को समझ सकते हैं.

उपछाया चंद्रग्रहण की शुरुआत

सुबह 6:12 बजे आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत:

सुबह 7:44 बजे अधिकतम चंद्रग्रहण:

सुबह 8:14 बजे आंशिक चंद्रग्रहण की समाप्ति:

सुबह 8:44 बजे उपछाया चंद्रग्रहण की समाप्ति:

सुबह 10:17 बजे हालांकि, भारत में इस चंद्रग्रहण को देख पाना संभव नहीं होगा. यह ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा. चूंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. सूतक काल वह समय होता है जब किसी ग्रहण के दौरान धार्मिक कार्यों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.

ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रग्रहण का विशेष महत्व है. कई मान्यताओं के अनुसार, चंद्रग्रहण का प्रभाव राशियों पर पड़ता है. इसे कुछ राशियों के लिए अशुभ माना जाता है, जबकि कुछ के लिए यह अवसर लेकर आता है. ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है, जैसे शादी, नए व्यापार की शुरुआत या किसी बड़े फैसले का लिया जाना. ज्योतिष के अनुसार, चंद्रग्रहण के समय साधना, ध्यान और जप करना उत्तम माना जाता है. इस दौरान नकारात्मक ऊर्जाओं से बचने के लिए मंत्रों का जाप करने की सलाह दी जाती है.

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लेखक के बारे में

Author: Rinki Singh

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