अगर आप भी हैं प्रदूषण से परेशान, तो ये 6 डिटॉक्स ड्रि्ंक्स का सेवन करेगा पॉल्यूशन दूर करने में आपकी मदद

वायु प्रदूषण एक धीमे जहर की तरह है जो आपके स्वास्थ्य को सबसे खतरनाक तरीके से नष्ट कर देता है. यह न केवल आपको जोखिम में डालता है बल्कि फेफड़ों की कार्यप्रणाली को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है. ऐसे में डिटॉक्स दिनचर्या शुरू करने का समय आ गया है जो प्रदूषण के प्रभावों को कम करने में मदद करेगा.

चूंकि दिल्ली एनसीआर का AQI गंभीर श्रेणी में बना हुआ है, लोग खांसी, सर्दी, अस्थमा के लक्षणों में वृद्धि और अन्य श्वसन समस्याओं जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं. वायु प्रदूषण एक धीमे जहर की तरह है जो आपके स्वास्थ्य को सबसे खतरनाक तरीके से नष्ट कर देता है. यह न केवल आपको जोखिम में डालता है बल्कि फेफड़ों की कार्यप्रणाली को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है, जिससे आपको सांस लेने में दिक्क्त जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है.

ऐसे में अब सुबह की डिटॉक्स दिनचर्या शुरू करने का समय आ गया है जो वायु प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद करेगा. यहां कुछ डिटॉक्स ड्रिंक्स के बारे में बताया गया है. जो वायु प्रदूषण की बीमारियों से लड़ने में आपकी मदद करने के लिए.

हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो सूजनरोधी, एंटीऑक्सीडेंट, कैंसररोधी होता है और इसमें विषाक्ततारोधी गुण भी होते हैं. यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायता करता है और अंगों को और अधिक क्षति से बचाता है. अदरक मतली को ठीक करने में भी मदद करता है जो बहुत अधिक धुएं के कारण होती है.

गाजर के जूस में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए, के, सी और बी का उच्च स्तर होता है. जूस रक्त की क्षारीयता में सुधार करने में योगदान देता है और फेफड़ों के कैंसर के खतरे को भी कम करता है.

अंगूर का रस फेफड़ों में जमा विषाक्त पदार्थों को साफ करने में मदद करता है. इस फल की त्वचा में उच्च एंटीऑक्सीडेंट शक्तियां होती हैं जो फेफड़ों में सूजन को रोकने में मदद करती हैं. फेफड़ों को ठीक करने के लिए सप्ताह में एक बार इस जूस का सेवन करें.

विषाक्त पदार्थों को निकालने और अपने पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने का एक सरल और प्रभावी विकल्प एक गिलास सुखदायक गर्म पानी और नींबू है. नींबू लीवर को उत्तेजित करता है और विषहरण को बढ़ावा देता है. गर्म पानी पाचन में सहायता करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है.

एलोवेरा अपने डिटॉक्सिफाइंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभावों के लिए जाना जाता है. पानी में एक बड़ा चम्मच एलोवेरा जूस और नींबू का रस मिलाने से आपके एक स्ट्रॉन्ग डिटॉक्स पेय मिलेगा. एलोवेरा लीवर की विषहरण प्रक्रियाओं का समर्थन करता है. इसमें सूजन-रोधी गुण हैं, जो संभावित रूप से प्रदूषकों के कारण होने वाली सूजन को कम करता है.

ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो प्रदूषण के प्रभावों को कम करने में मदद कर सकती है. विटामिन सी की अतिरिक्त खुराक के लिए ताजा नींबू का रस मिलाएं, जो अपने प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है. ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं जो कोशिकाओं को वायु प्रदूषकों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं. 

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लेखक के बारे में

Author: Shradha Chhetry

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