Health Tips: माइग्रेन से पीड़ित हैं, जानिए इसके आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में, मिलेगा पूरा आराम

Health Tips: माइग्रेन एक प्रकार का शिरोरोग (सिर का रोग) है जिसमें सिर के आधे भाग में तेज और असहनीय दर्द होता है. आयुर्वेदिक उपचार से सिरदर्द में आराम आता है.

Health Tips: माइग्रेन में आमतौर पर सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है. पर यह केवल सिरदर्द तक ही सीमित नहीं है. सिरदर्द के साथ ही इसके अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जो इसे साधारण सिरदर्द से अलग बनाते हैं. माइग्रेन के हमले घंटों से लेकर दिनों तक रह सकते हैं, जो व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते है. यदि आपको बार-बार तेज सिरदर्द हो रहा हो, तो इसे हल्के में न लें. इसका उपचार करायें. जाने क्या कहते हैं विशेषज्ञ इस बारे में.

प्रो महेश व्यास
डीन, पीएचडी, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, दिल्ली

आयुर्वेद में माइग्रेन को अर्धावभेदक या अर्धशीशी कहा गया है. यह एक प्रकार का शिरोरोग (सिर का रोग) है जिसमें सिर के आधे भाग में तेज और असहनीय दर्द होता है. यह रोग सामान्यतः वात और पित्त दोष के विकृति से उत्पन्न होता है.

आयुर्वेदिक उपचार विधियां

शोधन चिकित्सा-

नस्य (Nasya): प्रतिदिन सुबह अणु तेल या शतावरी घृत की दो-दो बूंदें दोनों नासिका, यानी नाक में डालें. यह मस्तिष्क और नाड़ी संस्थान को शुद्ध करता है.

विरेचन (Purgation): यह पित्त दोष नाशक होता है. इसके लिए त्रिवृत लेह्य, हरितकी चूर्ण का सेवन किया जाता है. इससे यकृत (लिवर) और पाचन तंत्र साफ होता है.

शिरोधारा: तिल तेल, ब्राह्मी तेल या दूध का सिर पर लगातार धार डाला जाता है. यह क्रिया अत्यधिक शांति और मानसिक विश्राम देती है.

बस्ती (Enema Therapy): वात नियंत्रण के लिए अनुवासन बस्ती (तेल आधारित) तथा निर्हार बस्ती (काढ़ा आधारित) दिया जाता है.

इन्हें भी जानें : सिरदर्द से परेशान हैं, कहीं यह माइग्रेन तो नहीं, जानिए क्या होते हैं इस बीमारी के लक्षण

आहार एवं जीवनशैली-

क्या करें (Do’s)

  • हल्का, ताजा, सुपाच्य और सात्विक आहार लें.
  • भोजन में घी का उपयोग करें (मस्तिष्क पोषण के लिए).
  • नियमित दिनचर्या अपनाएं.
  • गुनगुना पानी पियें.
  • पर्याप्त नींद लें (छह से आठ घंटे की).

क्या न करें (Don’ts)

  • अत्यधिक तैलीय, मसालेदार, खट्टा भोजन न करें.
  • धूप, तेज रोशनी और तेज आवाज से बचें.
  • देर रात तक न जागें.
  • मोबाइल, टीवी, लैपटॉप आदि पर लंबा समय बिताने से बचें.

योग और प्राणायाम

  • शवासन, वज्रासन, अर्धमत्स्येंद्रासन स्नायु शक्ति (मसल पावर) को बढ़ाता है और सिर में रक्त संचार को ठीक करता है.
  • अनुलोम विलोम व भ्रामरी प्राणायाम मानसिक शांति और सिरदर्द में राहत देता है. साथ ही वायु संतुलन को ठीक करता है.

मानसिक संतुलन और ध्यान

ध्यान (Meditation): रोज 15 मिनट ध्यान करने से मानसिक तनाव दूर होता है.

संगीत चिकित्सा (Music Therapy): माइग्रेन के रोगी के लिए ‘यमन’ या ‘हंसध्वनि’ जैसे शांतिपूर्ण राग सुनना लाभकारी होता है.

संवेदनशील विचारों से दूरी: नकारात्मक सोच और चिंता से दूरी बनाये रखें.

घरेलू उपाय

  • अदरक और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर रोज पीने से सिरदर्द में आराम आता है.
  • शीतल जल से स्नान करें. यह सिर की गर्मी को कम करता है.
  • तिल और कपूर के तेल से सिर की मालिश करने से वात शांत होता है.
  • बेल के पत्तों का रस दो चम्मच सुबह खाली पेट लें.
  • नारियल पानी पीने से शरीर की गर्मी कम होती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >