Agra News : आगरा के स्कूलों में डिप्थीरिया का टीकाकरण अभियान शुरू

Agra News : आगरा के कासगंज जिले में डिप्थीरिया के कई मामले सामने आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण का अभियान चलाना शुरु किया है.

Agra News : आगरा के कासगंज जिले में डिप्थीरिया के कई मामले सामने आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण का अभियान चलाना शुरु किया है. अभियान में 184 स्कूलों में 16 साल की आयु वाले 3982 छात्रों को टीका लगाया जा चुका है. आपको बता दे, की जिले में अभी तक डिप्थीरिया के प्रकोप से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है और लगभग 24 से अधिक बच्चे इस घातक बीमारी का शिकार हुए हैं.

Agra News : Diphtheria Vaccination : टीकाकारण कि कमी कि कारण बच्चे हो रहे हैं शिकार

इन मामलों की जांच के बाद यह बात सामने आई कि बच्चों में टीकाकरण की कमी होने से या बीमारी उन्हें अपना शिकार बना रही है जिसके तुरंत बाद विभाग ने स्कूलों में जाकर टीकाकरण की योजनाओं को तैयार किया. इसी योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम में लगातार स्कूलों में पहुंचकर टीकाकरण अभियान को बढ़ावा दे रही है. स्वास्थ्य टीमों ने 1194 बच्चों को डीपीटी के टीके लगाए, जिसमें से 10 साल तक की आयु के 2090 बच्चों को टीडी 10 तथा 16 साल के 698 छात्रों को td16 के टीके लगाए जाने की खबर मिली है.

Agra News : जिला प्रशिक्षण अधिकारी ने क्या कहा

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर कुलदीप ने कहा कि डिप्थीरिया से बचाव के लिए छोटे बच्चों के अलावा 10 साल और 16 साल की आयु वाले बच्चों को भी तक लगाए जाते हैं. बहुत से अभिभावक 10 साल व 16 साल की आयु पर टीका नहीं लगवाते हैं, जिस वजह से इस आयु में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. लापरवाही के चलते बच्चे कई खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं.

इसीलिए स्कूलों में टीकाकरण अभियान चला कर बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं. अपनी बात को कहते हुए उन्होंने अभिभावकों से यह गुजारिश भी की कि अभिभावक स्कूल में चल रहे टीकाकरण अभियान में सम्मिलित होकर अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं ताकि उन्हें डिप्थीरिया जैसी खतरनाक बीमारी के प्रकोप से बचाया जा सके.

Diphtheria : Causes and Symptoms : क्या है डिप्थीरिया?

डिप्थीरिया एक गंभीर और संक्रामक बैक्टीरिया संक्रमण होता है जो नाक, गले, और कुछ स्थितियों में त्वचा को प्रभावित करता है. यह बीमारी बैक्टेरियम कोरीनेबैक्टेरियम डिप्थीरिया (bacterium Corynebacterium diphtheriae) के संक्रमण से होती है. इसके प्रमुख लक्षण है बुखार, गले में खराश, गले की ग्रंथियां में सूजन, और गर्मियों के मौसम में त्वचा पर चकत्ते पड़ना.

Diphtheria : यह एक संक्रामक बीमारी होती है

डिप्थीरिया जैसी बीमारी से अपना बचाव करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है टीकाकरण डिप्थीरिया की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और शरीर को इस खतरनाक संक्रामक बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करती है. डिप्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है तो यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है इसीलिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहना आवश्यक होता है.

डिप्थीरिया का इलाज कैसे किया जाता है?

डिप्थीरिया का इलाज एंटीबायोटिक्स और एंटीटॉक्सिन से किया जाता है. प्रारंभिक इलाज संक्रमण को नियंत्रित करने और जटिलताओं से बचने के लिए आवश्यक है.

डिप्थीरिया क्या है?

डिप्थीरिया एक संक्रामक रोग है जो बैक्टीरिया Corynebacterium diphtheriae के कारण होता है. यह मुख्य रूप से गले और नाक को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में हृदय, तंत्रिका तंत्र और अन्य अंगों पर भी असर डाल सकता है.

डिप्थीरिया के लक्षण क्या होते हैं?

डिप्थीरिया के मुख्य लक्षणों में गले में खराश, बुखार, सूजन वाली गर्दन, सांस लेने में कठिनाई और गले में सफेद या ग्रे रंग का चिपचिपा पदार्थ शामिल हैं.

डिप्थीरिया का फैलाव कैसे होता है?

डिप्थीरिया संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक के जरिए हवा में फैलने वाले कणों से फैलता है. यह निकट संपर्क, संक्रमित वस्तुओं या सतहों के माध्यम से भी फैल सकता है.

डिप्थीरिया से बचाव कैसे किया जा सकता है?

डिप्थीरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है. DPT (डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस) वैक्सीन बच्चों के लिए और बूस्टर डोज़ वयस्कों के लिए उपलब्ध है, जो इस रोग से सुरक्षा प्रदान करती है.

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लेखक के बारे में

Author: Shreya Ojha

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