Zareen Khan: पिछले साल बॉलीवुड एक्टर जायद खान की मां और अभिनेत्री जरीन खान के निधन के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा देखने को मिली थी. वजह थी उनका हिंदू रीति-रिवाजों से किया गया अंतिम संस्कार. अब इस पूरे मामले पर खुद जायद खान ने खुलकर अपनी बात रखी है. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जायद ने बताया कि उनके परिवार में सबसे ऊपर “इंसानियत” को रखा जाता है, धर्म को नहीं. उन्होंने कहा कि उनके घर में अलग-अलग धर्म और बैकग्राउंड के लोग हैं, लेकिन सबको बराबर सम्मान दिया जाता है. उनके मुताबिक, धर्म एक निजी मामला है और इसे लेकर तुलना करना या जज करना सही नहीं है.
अस्थि नदी में प्रवाहित करें
जायद ने अपनी मां की आखिरी इच्छा को याद करते हुए बताया कि एक बार वो नदी किनारे बैठी थीं और उन्होंने कहा था कि जब उनका निधन हो, तो उनकी अस्थियां नदी में प्रवाहित की जाएं क्योंकि वो आजादी महसूस करना चाहती हैं. बेटे के तौर पर उन्होंने वही किया जो उनकी मां चाहती थीं. एक्टर ने साफ कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं. उनके लिए सबसे जरूरी उनकी मां की इच्छा थी, जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया.
81 की उम्र में हुआ निधन
बता दें कि जरीन खान का निधन 7 नवंबर को 81 साल की उम्र में मुंबई में हुआ था. वह उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं. पारसी मूल की होने के बावजूद उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों से किया गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा था.
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