फिल्म: वेलकम टू द जंगल
निर्देशक: अहमद खान
मुख्य कलाकार: अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, श्रेयस तलपड़े, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, दिशा पाटनी, जैकलिन फर्नांडीस आदि.
निर्माता: फिरोज ए नाडियाडवाला, स्टार स्टूडियोज 18, सीता फिल्म्स और राकेश डांग
रेटिंग: 4
Welcome To The Jungle Movie Review: फिल्म का पूरा कथानक बेहद अनोखा और हास्यास्पद है. कहानी एक ऐसे राजनेता के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पास काले धन का पहाड़ है. टैक्स के झंझटों से बचने और अपनी इस अवैध संपत्ति को सफेद (व्हाइट) करने के लिए वह एक अजीबोगरीब रास्ता चुनता है. वह करोड़ों का नुकसान उठाने के लिए तैयार है और इसके लिए वह फिल्म इंडस्ट्री के दो सबसे अनोखे निर्देशकों—देव (राजपाल यादव) और दास (परेश रावल) को काम पर रखता है. उनका एकमात्र मकसद इतिहास की सबसे बड़ी ‘महा-फ्लॉप’ फिल्म बनाना है.
इस नामुमकिन मिशन के लिए वे कई अतरंगी और सनकी किरदारों को एक साथ लाते हैं. कहानी में असली मोड़ तब आता है जब यह पूरी पलटन शूटिंग के लिए एक बेहद सुदूर और अलग-थलग जंगल के गांव में पहुंचती है. वहां कदम रखते ही यह फिल्मी क्रू आपसी दुश्मनी, गलतफहमियों, पागलपन और अप्रत्याशित चुनौतियों के एक ऐसे जाल में फंस जाता है, जिससे निकलना नामुमकिन लगने लगता है.
कलाकारों का प्रदर्शन: अक्षय कुमार इस फिल्म की धड़कन हैं; उनकी एनर्जी, स्टंट्स और कॉमिक टाइमिंग स्क्रीन पर राज करती है. सुनील शेट्टी को अरशद, परेश रावल और राजपाल यादव के साथ दोबारा कॉमेडी जॉनर में देखना फैंस के लिए बेहद भावुक और यादगार पल है. परेश रावल हमेशा की तरह फिल्म की आत्मा हैं, जिनकी कॉमिक टाइमिंग का कोई मुकाबला नहीं है. अरशद वारसी अपने पूरे फॉर्म में नजर आए हैं, वहीं श्रेयस तलपड़े एक बेहतरीन सरप्राइज पैकेज साबित हुए हैं.
जॉनी लीवर ने एक बार फिर दिखा दिया कि वे कॉमेडी की चलती-फिरती पाठशाला क्यों हैं. विलेन के रूप में जैकी श्रॉफ की कड़क मौजूदगी एक गहरा प्रभाव छोड़ती है. रवीना टंडन ने अपनी कड़क डायलॉग डिलीवरी से हर सीन को अपना बना लिया, जबकि सीनियर एक्ट्रेस फरीदा जलाल को इस तरह के कॉमिक फ्लेवर में देखना बेहद सुखद रहा. दिशा पाटनी, जैकलिन फर्नांडीस, तुषार कपूर और किरण कुमार सहित बाकी के सपोर्टिंग कास्ट ने भी बेहतरीन काम किया है.
निष्कर्ष: इस फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी कॉमेडी लाउड या जबरदस्ती थोपी हुई महसूस नहीं होती. यह पूरी तरह से सिचुएशनल (परिस्थिति जन्य) है, जहां किरदारों के बीच की जुगलबंदी और पागलपन से खुद-ब-खुद हंसी छूट जाती है. अक्षय कुमार एक बार फिर साबित करते हैं कि वे बॉलीवुड के सबसे बड़े एक्शन स्टार क्यों हैं. फिल्म के एक्शन सीन्स को इतने शानदार पैमाने पर कोरियोग्राफ किया गया है कि कई बार आपको लगेगा कि आप कॉमेडी फिल्म नहीं बल्कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ देख रहे हैं.
अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और अरशद वारसी के बीच का भाईचारा फिल्म का मुख्य आकर्षण है. इनकी केमिस्ट्री सीधे तौर पर दर्शकों को ‘हेरा फेरी’ के दौर में ले जाती है. 22 साल बाद अक्षय कुमार और रवीना टंडन की जोड़ी को एक साथ देखना किसी विजुअल ट्रीट से कम नहीं है. दोनों की ऑन-स्क्रीन एनर्जी आज भी उतनी ही संक्रामक और बेमिसाल है. फिल्म का संगीत आपको उस दौर की याद दिलाता है जब गानों को पूरा सुना जाता था और लोग ‘स्किप’ बटन नहीं दबाते थे.
इतने सारे किरदारों और समानांतर चल रही अराजकता को एक गांव के सेटअप में संभालना आसान नहीं था, लेकिन अहमद खान का स्मार्ट निर्देशन और शार्प एडिटिंग फिल्म को बिखरने नहीं देती. खासकर इसका सेकेंड हाफ तो नॉन-स्टॉप हंसाता है. ‘वेलकम टू द जंगल’ एक कम्पलीट पैसा-वसूल पारिवारिक एंटरटेनर है. यह फिल्म ओल्ड-स्कूल बॉलीवुड कॉमेडी के उस खोए हुए जादू को बड़े पर्दे पर वापस लेकर आती है, जिसे देखते हुए आपका हंसते-हंसते जबड़ा दुखने लगेगा. इस वीकेंड अपने परिवार के साथ इसे देखना बिल्कुल मिस न करें!
