Thalapathy Vijay: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय इन दिनों अपने राजनीतिक कदम को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने राजनीति में एंट्री करते हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी टीवीके के साथ हिस्सा लिया. शुरुआती रुझानों में पार्टी की बढ़त की चर्चा ने उनके राजनीतिक भविष्य को और अधिक दिलचस्प बना दिया है. इसी बीच उनकी फिल्मों में निभाए गए राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने वाले किरदार फिर से चर्चा में आ गए हैं.
विजय ने अपने फिल्मी करियर में कई ऐसे किरदार निभाए, जिन्होंने भ्रष्ट सिस्टम, चुनावी अनियमितताओं और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई. यही कारण है कि दर्शकों ने उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि “जनता के हीरो” के रूप में देखा.
‘जन नायकन’ में सिस्टम से टकराव
एच. विनोद निर्देशित फिल्म ‘जन नायकन’ में विजय ने एक पूर्व पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया, जो भ्रष्ट नेताओं और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करता है. फिल्म की रिलीज को लेकर कई अड़चनें आईं और यह ऑनलाइन लीक भी हुई, लेकिन इसके संदेश ने दर्शकों पर गहरा असर छोड़ा.
‘सरकार’ में वोटिंग सिस्टम पर सवाल
2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘सरकार’ में विजय एक एनआरआई बिजनेसमैन के रूप में नजर आए, जो फर्जी मतदान और भ्रष्ट राजनीति के खिलाफ आवाज उठाता है. ए.आर. मुरुगदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने चुनावी पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी थी.
‘थलाइवा’ में जननेता की झलक
2013 की फिल्म ‘थलाइवा’ में विजय ने एक आम युवक से जननेता बनने का सफर दिखाया, जो अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाता है. यह किरदार उनके राजनीतिक छवि निर्माण में अहम माना जाता है.
‘मार्सल’ ने छेड़ी बड़ी बहस
‘मार्सल’ (2017) में भले ही विजय ने सीधे नेता का किरदार नहीं निभाया, लेकिन फिल्म के डायलॉग्स ने स्वास्थ्य और टैक्स सिस्टम को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी थी.
विजय की इन फिल्मों ने न सिर्फ उन्हें बड़े स्टार के रूप में स्थापित किया, बल्कि जनता के बीच एक सामाजिक रूप से जागरूक चेहरा भी बनाया, जिसका असर आज उनके राजनीतिक सफर में साफ देखा जा रहा है.
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