राजपाल यादव की मदद करेंगे सोनू सूद और तेजप्रताप यादव, चेक बाउंस मामले में हुई है जेल

Sonu Sood On Rajpal Yadav Case: राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में जेल पहुंचे तो फिल्म इंडस्ट्री से मदद के हाथ आगे आए हैं. सोनू सूद, तेज प्रताप और अन्य लोगों ने आर्थिक सहयोग का ऐलान किया है. जानिए, राजपाल यादव को किसने-किसने मदद का ऐलान किया है?

Sonu Sood On Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी परेशानियों की वजह से चर्चा में हैं. चेक बाउंस केस में कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी को उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर खूब बातें हो रही हैं. बताया जा रहा है कि जेल में उन्होंने अफसरों से भावुक होकर कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं, वो क्या करें.

सबसे पहले सोनू सूद ने दिखाया सपोर्ट

सोनू सूद की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट

इसी बीच इंडस्ट्री से कुछ लोग उनकी मदद के लिए आगे आते नजर आए हैं. सबसे पहले सोनू सूद ने सपोर्ट दिखाया. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि वह राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म में काम देंगे और एडवांस साइनिंग अमाउंट भी देंगे, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके.

1.11 करोड़ की मदद करेंगे राव इंद्रजीत यादव

इसके अलावा जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी की तरफ से राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट के मालिक राव इंद्रजीत यादव ने भी एक वीडियो जारी कर 1.11 करोड़ रुपये की मदद देने की बात कही है.

अता पता लापता से जुड़ा है मामला

दरअसल, ये पूरा मामला साल 2010 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है. इस फिल्म को बनाने के लिए राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा.

राजपाल यादव का चेक हुआ था बाउंस

कर्ज चुकाने में देरी होने के बाद कंपनी ने उनके खिलाफ केस कर दिया. आरोप था कि राजपाल यादव ने जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए. मामला लंबे समय तक कोर्ट में चलता रहा और कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुए.

कोर्ट ने सुनाई 6 महीने की सजा

करीब 16 साल तक चले इस केस के बाद आखिरकार कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई है. हालांकि इससे पहले भी साल 2013 में उन्हें चार दिन के लिए जेल जाना पड़ा था. अब एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है और लोग उनके समर्थन में भी आगे आ रहे हैं.

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By Aniket kumar

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प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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