संभावना सेठ को क्यों बितानी पड़ी थी पुलिस स्टेशन में पूरी रात? एक्ट्रेस ने सुनाई दर्दनाक कहानी

संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने खुलासा किया कि उन्हें अपनी हाउस हेल्प गुड़िया की बहन को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के मामले में पूरी रात पुलिस स्टेशन में बितानी पड़ी. कपल का दावा है कि महिला को नवी मुंबई के खारघर स्थित एक घर में जबरन रोककर रखा गया, उससे जरूरत से ज्यादा काम करवाया गया और धमकियां दी गईं.

टीवी एक्ट्रेस संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी हाउस हेल्प की बहन से जुड़े कथित रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी. कपल का दावा है कि महिला को नवी मुंबई के खारघर स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था, उसे धमकाया गया और वहां से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा था.

संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी को क्यों पुलिस स्टेशन में बितानी पड़ी थी रात, हुआ खुलासा

अविनाश द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को पब्लिक करने का फैसला इसलिए लिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ऐसे मामलों को लेकर जागरूक हो सकें. उन्होंने कहा, "दोस्तों, हमारे साथ एक बेहद गंभीर घटना हुई है. हमें लगा कि इसके बारे में सबको बताना जरूरी है, क्योंकि ऐसी घटना किसी के भी साथ या आपके आसपास भी हो सकती है. इसलिए हर किसी का सतर्क रहना बेहद जरूरी है."

अविनाश के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी हाउस हेल्प गुड़िया अचानक फूट-फूटकर रोने लगी और उसने अपनी बड़ी बहन के बारे में बताया. अविनाश ने कहा, "दो दिन पहले गुड़िया अचानक रोने लगी. वह हमारे घर पर ही रहती है. पहले तो हमें समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है."

संभावना सेठ की हाउस हेल्प की बहन को किया गया तंग

अविनाश ने दावा किया कि गुड़िया की बहन को सिर्फ पालतू जानवरों की देखभाल का काम बताकर रखा गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उससे घर के बाकी सारे काम भी करवाए जाने लगे. उन्होंने कहा, "शुरुआत में उनसे बहुत अच्छे तरीके से बात की गई, लेकिन दो-तीन दिन बाद धीरे-धीरे काम बढ़ा दिया गया. खाना बनाना, सफाई करना और दूसरे कई काम भी उसी से करवाए जाने लगे. सी-सेक्शन के बाद उसे पेट की दिक्कत थी, इसलिए वह भारी काम करने की हालत में नहीं थी."

हाउस हेल्प की बहन ने संभावना से मांगी मदद

कपल का दावा है कि जब महिला ने वहां से जाने की इच्छा जताई तो उसे जाने नहीं दिया गया. संभावना ने बताया कि गुड़िया की बहन ने उन्हें परेशान करने वाला फोन किया. एक्ट्रेस ने कहा, "वह लगातार रो रही थी और मुझसे मदद की गुहार लगा रही थी. उसने बताया कि सुबह से चार बार उल्टी हो चुकी है, उसे खाना नहीं दिया गया और दो दिनों से उसने कुछ नहीं खाया."

संभावना ने ऐसे की मदद

संभावना ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उस घर में मौजूद महिला से बात की और घरेलू सहायिका को छोड़ने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर पैसों का कोई विवाद है तो उसे भी सुलझा लिया जाएगा. संभावना ने कहा, "मैंने उस महिला को फोन किया. पहले उसने पूछा कि मैं कौन हूं. जैसे ही उसे पता चला कि मैं संभावना सेठ हूं, उसका पूरा व्यवहार बदल गया." उन्होंने आगे बताया, "मैंने उनसे कहा कि किसी भी तरह की मदद चाहिए तो मैं सिर्फ एक कॉल दूर हूं. अगर उसकी सैलरी नहीं मिलती तो मैं खुद पैसे दे दूंगी, लेकिन कृपया उसे जाने दीजिए. हम उसके साथ खड़े हैं."

संभावना का आरोप है कि घरेलू सहायिका बार-बार उनसे मदद की गुहार लगा रही थी. उन्होंने कहा, "वह लगातार कह रही थी, 'मैडम, किसी भी तरह मुझे बचा लीजिए. यहां मुझे मार डालेंगे.' उसे धमकी दी गई थी कि अगर भागने की कोशिश की तो उसके टुकड़े कर दिए जाएंगे और किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा. सबसे बड़ी बात यह थी कि उसका आईडी कार्ड छीन लिया गया, कपड़े छिपा दिए गए और कहा गया कि अब निकलकर दिखाओ."

ऐसे महिला का किया गया रेस्कयू

कपल के मुताबिक, प्लेसमेंट एजेंसी के कुछ लोगों और एक महिला की मदद से घरेलू सहायिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया. संभावना ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "मैं उस महिला का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं. शायद वह किसी एनजीओ से थीं. वह सीधे 30वीं मंजिल पर गईं, घर के अंदर पहुंचीं और किसी तरह लड़की को वहां से बाहर निकालने में कामयाब रहीं."

संभावना ने पुलिस पर उठाए सवाल

संभावना का दावा है कि भागने के दौरान महिला को गंभीर चोटें भी आईं। उन्होंने कहा, "वह बुरी तरह घायल थी और लगातार यही कह रही थी कि दीदी मुझे बचा लो, नहीं तो ये लोग मुझे मार देंगे." कपल ने खारघर पुलिस के शुरुआती रवैये पर भी सवाल उठाए. संभावना ने कहा, "अगर उस समय पुलिस ने तुरंत मदद की होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता. उसकी जान भी जा सकती थी."

इसके बाद दोनों मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे. अविनाश ने वहां की पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए कहा, "बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का दिल से शुक्रिया. गुड़िया ने भी संभावना और अविनाश का आभार जताते हुए कहा, "अगर भैया और दीदी मेरा साथ नहीं देते तो शायद आज मेरी बहन जिंदा नहीं होती. मेरी बस यही मांग है कि जिसने भी उसके साथ ऐसा किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो."

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By Ashish Lata

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आशीष लता ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws + 1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि उनका कंटेंट भरोसेमंद, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है.

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