Hanuman Ansh Making: फिल्मों की सफलता अक्सर उनकी ओपनिंग और पहले वीकेंड के कलेक्शन से तय कर दी जाती है. लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है. नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित इस फिल्म ने बेहद धीमी शुरुआत के बाद ऐसा कमबैक किया कि अब यह 2026 की सबसे चौंकाने वाली बॉक्स ऑफिस सफलताओं में गिनी जा रही है. फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि इसकी कमाई 46 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुकी है.
Hanuman Ansh Film Production Started in Just 10 Lakh: सिर्फ 10 लाख रुपये से हुई थी शुरुआत
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ ने थिएटर्स में बहुत कम चर्चा के साथ दस्तक दी थी. फिल्म ने पहले दिन करीब 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया. शुरुआती दिनों में इसकी कमाई इतनी कम रही कि इसे जल्द ही फ्लॉप माना जाने लगा. पहले हफ्ते में फिल्म लगभग 1.08 करोड़ रुपये ही जुटा सकी. दूसरे हफ्ते में भी इसकी रफ्तार खास नहीं रही.
लेकिन इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई. दर्शकों से मिली पॉजिटिव रिस्पांस और सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चा ने फिल्म को नई जिंदगी दी. तीसरे हफ्ते में ही इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल आया और फिल्म ने लगभग 10.5 करोड़ रुपये कमा लिए. इसके बाद चौथे हफ्ते में भी दर्शकों की संख्या बढ़ती गई.
2 Crore Film Hanuman Ansh Earns More Than 46 Crore: 2 करोड़ के बजट में 46 करोड़ से ज्यादा कमाई
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका कम बजट है. माना जा रहा है कि इस फिल्म को करीब 1.8 से 2 करोड़ रुपये में बनाया गया है. इसके मुकाबले फिल्म की बॉक्स ऑफिस कमाई कई गुना ज्यादा हो चुकी है. 31 अगस्त तक इसकी घरेलू नेट कमाई 40 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई थी, जबकि अन्य रिपोर्ट में कुल कमाई करीब 46.55 करोड़ रुपये बताई गई है.
इसी वजह से इसे भारत की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्मों में शामिल किया जा रहा है. फिल्म ने अभी तक अपने बजट से 20 गुना से ज्यादा कमाई कर ली है. यह भी पढ़ें: Hanuman Ansh Song: ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ गाने वाले दृष्टिबाधित गायक Sunil Lodhi कौन हैं? जानें कैसे मिली उन्हें बड़े पर्दे पर एंट्री
Hanuman Ansh Film Organised Bhandara to Promote the Film: फिल्म के प्रमोशन के लिए 8 भण्डारो का आयोजन हुआ
‘हनुमान अंश’ की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि फिल्म में कोई बड़ा बॉलीवुड स्टार नहीं है. फिल्म में मुख्य किरदार शोभिनव सत्या निभा रहे हैं और इसका प्रमोशन भी बड़े बजट वाली फिल्मों की तरह नहीं किया गया. निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक इंटरव्यू में बताया कि, टीम के पास बड़े स्तर पर प्रमोशन करने के लिए पैसे नहीं थे. इसके बजाय फिल्म के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए आठ भंडारों का आयोजन किया गया. यही अभियान धीरे-धीरे फिल्म के लिए चर्चा का माध्यम बन गया.
फिल्म को ‘टॉक्सिक’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों से भी मुकाबला करना पड़ा. इसके बावजूद दर्शकों के बीच इसका क्रेज बढ़ता गया. यहां तक कि कुछ समय पर फिल्म की एडवांस बुकिंग को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई.
Abusive Language and Non- Veg Were Not Allowed on the Sets of Hanuman Ansh: गाली-गलौज से लेकर नॉन-वेज तक पर थी पाबंदी
डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान सेट पर कई सख्त नियमों का पालन किया गया था. फिल्म की मेकिंग के दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज से भी मार्गदर्शन लिया था. महाराज ने मेकर्स को सलाह दी थी कि फिल्म के लीड एक्टर शोभिनव शूटिंग के दौरान पूरी तरह शाकाहारी रहें. साथ ही, उन्हें नीम करोली बाबा की तरह अनुशासन में रहने की सलाह भी दी गई थी.
यह नियम सिर्फ शोभिनव के लिए नहीं, बल्कि फिल्म की पूरी टीम के लिए थे. इतना ही नहीं सेट पर गाली-गलौज पूरी तरह प्रतिबंधित थी. किसी भी तरह की लड़ाई या बहस से भी बचने के लिए कहा गया था. खाने में सिर्फ शाकाहारी भोजन ही रखा जाता था.
यहां तक की फिल्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति को शराब का सेवन करना मना था. फिल्म की आध्यात्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए शूटिंग का माहौल भी उसी तरह रखा गया था। हर दिन शूटिंग की शुरुआत और अंत हनुमान चालीसा के पाठ के साथ होता था और पैक उप के बाद भी हनुमान चालीसा का पाठ होता था. इतना ही नहीं अगर कभी लाइट की दिक्कत हो या कोई टेक्निकल प्रॉब्लम आने पर भी हनुमान चालीसा के पाठ से सारी सलूशन मिल जाती थी.
Hanuman Ansh Director Calls Early Flop Verdict Haste: निर्देशक ने जल्दबाजी में फ्लॉप कहने पर जताई नाराजगी
हनुमान अंश के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म को शुरुआती दिनों में इसे फ्लॉप घोषित किए जाने को जल्दबाजी बताया है. उनका कहना है कि किसी फिल्म का अंतिम फैसला उसकी पूरी थिएट्रिकल रन के दौरान दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर किया जाना चाहिए. ‘हनुमान अंश’ ने साबित कर दिया कि धीमी शुरुआत का मतलब हमेशा असफलता नहीं होता.
दरअसल, नीम करौली बाबा की लोकप्रियता, आध्यात्मिक कहानी, ‘हनुमान’ नाम से जुड़ी आस्था और खास तौर पर हनुमान चालीसा से जुड़े दृश्यों ने फिल्म को दर्शकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.
