My Mati: झारखंड की आदिवासी मॉडल अंशु शिखा लकड़ा से जानें, कैसे मिलेगी जीवन में सफलता

My Mati|Anshu Shikha Lakra|Tribal Model|अंशु शिखा लकड़ा ने प्रभात खबर के द्वारा आयोजित ऑटो शो में मिस ऑलराउंडर का खिताब जीता. वह कहती हैं कि यह उनके जीवन का पहला बड़ा पुरस्कार था. अमृत नीर हर्बल कंपनी ने वर्ष 2018 में उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया. इससे उनके माता-पिता को काफी खुशी मिली.

My Mati|Anshu Shikha Lakra|Tribal Model|आदिवासी समाज के लोग अपनी परंपराओं से जुड़े होते हैं. आधुनिक चकाचौंध के बावजूद वे अपनी जड़ों से जुड़े हैं. आज भी किसी आदिवासी का सपना यही होता है कि उनका बेटा या बेटी सरकारी नौकरी करे. लेकिन, झारखंड में अब एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है, जो लीक से हटकर सोच रही है. ऐसी ही एक युवती है, जिसने मॉडलिंग की दुनिया में सफलता हासिल की है.

परंपरागत परिधान में मॉडलिंग करती हैं अंशु शिखा लकड़ा

झारखंड की इस सफल आदिवासी मॉडल का नाम है अंशु शिखा लकड़ा. उरांव जनजाति से आने वाली अंशु शिखा लकड़ा ने दुनिया को बताया है कि परंपरागत परिधान में भी मॉडलिंग हो सकती है. हालांकि, अंशु को उनके परिवार का बहुत सपोर्ट नहीं मिला था, जब उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में जाने के बारे में सोचा. माता-पिता हर आदिवासी परिवार की तरह चाहते थे कि उनकी बेटी सरकारी नौकरी करे.

कुछ नया करने की थी अंशु शिखा लकड़ा की इच्छा

अंशु शिखा लकड़ा ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि उनके माता-पिता चाहते थे कि उनकी इकलौती बेटी सरकारी नौकरी में जाये. लेकिन, पतरातू से रांची में आने के बाद अंशु की इच्छा थी कि वह कुछ नया करे. सरकारी नौकरी में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी. वह एविएशन (विमानन) क्षेत्र में जाना चाहतीं थीं. दमदम एयरपोर्ट (कोलकाता) पर एयर एशिया की नौकरी भी मिल गयी थी, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्हें लौटना पड़ा.

टेलीविजन चैनल में बनीं न्यूज रीडर

अंशु शिखा लकड़ा बताती हैं कि उनके मन में कुछ अलग करने की इच्छा थी. स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही लगा कि किसी और फील्ड में काम करना चाहिए. वह टेलीविजन चैनल में न्यूज रीडर बन गयीं. आदिवासी डेवलपमेंट नेटवर्क नामक एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) से जुड़ गयीं. उन्होंने आदिवासियों के पारंपरिक परिधान और मॉडर्न ड्रेस का फ्यूजन किया. इसे लोगों ने काफी पसंद किया.

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इसके साथ ही अंशु ने मॉडलिंग शुरू कर दी. वह कहती हैं कि शुरुआत में रैंप वॉक के लिए उन्हें बार-बार जमशेदपुर जाना पड़ता था. बाद में राजधानी रांची में भी मॉडलिंग की शुरुआत हुई. उन्होंने दिल्ली में स्थित आईआईटीएफ के एक फैशन शो में झारखंड को रिप्रेजेंट किया. धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और अब समाज और परिवार का भी सपोर्ट मिलने लगा है.

…और मम्मी-पापा हुए खुश

मेरे माता-पिता को जब मालूम हुआ कि मैं मॉडलिंग में जाना चाहती हूं, तो उन्हें बुरा लगा. लेकिन, मैंने ठान ली थी कि मुझे नौकरी नहीं करनी. जब मेरी तस्वीरें अखबारों में छपने लगीं. टेलीविजन पर समाचार पढ़ते हुए लोगों ने मुझे देखा और मेरे मम्मी-पापा को बताया कि आपकी बेटी टेलीविजन पर आती है, तो उन्हें बहुत अच्छा लगा. धीरे-धीरे उन्होंने मेरे फैसले को स्वीकार कर लिया. अब परिवार के लोग बेहद खुश हैं.

प्रभात खबर के ऑटो शो में जीता पहला पुरस्कार

अंशु शिखा लकड़ा ने प्रभात खबर के द्वारा आयोजित ऑटो शो में मिस ऑलराउंडर का खिताब जीता. वह कहती हैं कि यह उनके जीवन का पहला बड़ा पुरस्कार था. अमृत नीर हर्बल कंपनी ने वर्ष 2018 में उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया. इससे उनके माता-पिता को काफी खुशी मिली.

जनजातीय भाषा व परिधान खो रहे पहचान

आदिवासी समाज से आने वाली झारखंड की जानी-मानी मॉडल अंशु शिखा लकड़ा कहती हैं कि जनजातीय लोगों की भाषा और उनके पहनावे पर संकट है. हम अपनी पहचान खो रहे हैं. यही वजह है कि मैं जब भी किसी फैशन शो में जाती हूं या हमारा कोई प्रोग्राम होता है, तो मैं अपनी परंपरागत ड्रेस पहनकर जाती हूं. मेरा मानना है कि आदिवासी पहनावा को बढ़ावा मिलना चाहिए. मेरी ड्रेस को लोग काफी पसंद करते हैं.

अपना कॉन्फिडेंस लूज न होने दें

अंशु शिखा लकड़ा कहती हैं कि किसी भी मॉडल की सफलता के लिए जरूरी है कि उसका कॉन्फिडेंस हाई हो. शुरू में मुझे डर था कि कहीं मेरे रंग की वजह से मुझे बाहर तो नहीं कर दिया जायेगा. सब गोरे रंग की मॉडल आतीं थीं. अपने काले रंग को लेकर मेरा कॉन्फिडेंस बहुत लो हो जाता था. बाद में मैंने कॉन्फिडेंस लेवल को हाई किया. चेहरे पर स्माइल लायी और अब मेरा कॉन्फिडेंस लेवल कभी लो नहीं होता.

सरकारी जॉब ही सब कुछ नहीं

अंशु शिखा लकड़ा कहती हैं कि सरकारी जॉब ही सब कुछ नहीं है. हमारे पैशन को हमें फॉलो करना चाहिए. हम तारों के पीछे भाग रहे हैं. लेकिन, अंत में हमें जमीन पर ही आना है. उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि अपने पैरों को जमीन पर और हाथ को आसमान की ओर रखें. अपने पैशन को पूरा करें. फैशन शो करना मेरा पैशन था. मैं बहुत बार गिरी, लेकिन अपने जज्बे के दम पर आगे बढ़ रही हूं. मैंने अपने कॉन्फिडेंस को लूज नहीं किया. अपने पैशन को बनाये रखा. आप भी अपने पैशन को बनाये रखें, सफलता जरूर मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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