'द नर्मदा स्टोरी' रिव्यू: सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह क्राइम-थ्रिलर अंत तक बांधे रखती है

The Narmada Story Review: रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी और सिमाला प्रसाद स्टारर यह क्राइम-थ्रिलर सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. जानिए कैसी है जैगम इमाम की यह फिल्म.

फिल्म: द नर्मदा स्टोरी
कलाकार: रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी, अश्विनी कालसेकर, सिमाला प्रसाद, अंजलि पाटिल, जरीना वहाब, इश्तियाक खान, आलोक चटर्जी, सदानंद पाटिल, शरद सिंह और हसन पीरजादा
निर्देशक: जैगम इमाम
जॉनर: क्राइम-थ्रिलर
अवधि: 2 घंटे 1 मिनट
भाषा: हिंदी
सेंसर सर्टिफिकेट: U/A
रिलीज डेट: 12 जून 2026
रेटिंग: 4

‘द नर्मदा स्टोरी’ एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म है, जो सच्ची घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित है. फिल्म की कहानी नर्मदा क्षेत्र में होने वाली कुछ रहस्यमयी घटनाओं और उनकी जांच के इर्द-गिर्द घूमती है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे नए राज सामने आते हैं और कहानी और दिलचस्प होती जाती है. फिल्म शुरुआत से ही सस्पेंस का माहौल बनाती है और आखिर तक दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखती है.

कैसी है फिल्म की कहानी?

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले है. निर्देशक जैगम इमाम ने बिना ज्यादा शोर-शराबे और बनावटी ड्रामे के सस्पेंस को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया है. कहानी हर कुछ मिनट में नया मोड़ लेती है, जिससे दर्शक लगातार यह जानना चाहते हैं कि आखिर असली सच क्या है.

कलाकारों ने कैसा काम किया है?

फिल्म में रघुबीर यादव, मुकेश तिवारी, अश्विनी कालसेकर, सिमाला प्रसाद, अंजलि पाटिल, जरीना वहाब और इश्तियाक़ खान जैसे कलाकार नजर आते हैं. सभी कलाकार अपने किरदारों में फिट बैठते हैं, लेकिन सिमाला प्रसाद एक पुलिस अधिकारी के रोल में खास तौर पर प्रभावित करती हैं. वहीं इश्तियाक खान का ‘निशा’ वाला किरदार फिल्म के सबसे यादगार किरदारों में से एक बनकर उभरता है.

तकनीकी पक्ष कितना मजबूत है?

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक इसकी कहानी को और प्रभावशाली बनाते हैं. नर्मदा क्षेत्र की असली लोकेशंस फिल्म को वास्तविकता के करीब ले जाती हैं. एडिटिंग भी सधी हुई है, जिसकी वजह से फिल्म कहीं भी खिंची हुई महसूस नहीं होती.

देखनी चाहिए या नहीं?

अगर आपको सस्पेंस, रहस्य और सच्ची घटनाओं से प्रेरित कहानियां पसंद हैं, तो ‘द नर्मदा स्टोरी’ आपके लिए एक अच्छी पसंद साबित हो सकती है. मजबूत अभिनय, दमदार निर्देशन और अंत तक बना रहने वाला सस्पेंस इस फिल्म को खास बनाता है.

फाइनल वर्डिक्ट

‘द नर्मदा स्टोरी’ एक प्रभावशाली क्राइम-थ्रिलर है, जो मनोरंजन के साथ-साथ कई सवाल भी छोड़ जाती है. रहस्य और रोमांच पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म इस हफ्ते की अच्छी वॉचलिस्ट साबित हो सकती है.

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लेखक के बारे में

Published by: Sheetal Choubey

शीतल चौबे एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जो बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, ओटीटी रिलीज, फिल्मी गॉसिप्स, ट्रेंडिंग विवाद और सेलेब्रिटी इंटरव्यूज पर सक्रिय रूप से काम करती हैं. उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हर हलचल पर नजर रखना पसंद है, चाहे वो किसी फिल्म की कमाई हो, नया रिकॉर्ड हो, या फिर किसी वेब सीरीज का ओटीटी पर धमाका. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स को समझना और उन्हें आसान, दिलचस्प और रीडर-फ्रेंडली भाषा में ऑडियंस तक पहुंचाना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरों पर रहता है जो न सिर्फ जानकारी दें, बल्कि पाठकों को स्क्रॉल रोकने पर मजबूर कर दें. मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से हुई. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग की स्किल भी हासिल की. करीब एक साल के अनुभव के बाद 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं, जहां वह वर्तमान में बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. वह लगातार डिजिटल मीडिया में खुद को अपडेट करते हुए एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में अपनी एक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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