Tabassum Death: नहीं रहीं मशहूर एक्ट्रेस तबस्सुम, कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन

तबस्सुम के बेटे होशांग गोविल ने बताया, कुछ दिन पहले उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह पेट की समस्याओं (गेस्ट्रो) से पीड़ित थी और हम वहां जांच के लिए गए थे. उन्हें रात 8.40 बजे और रात 8.42 बजे दो बार दिल का दौरा पड़ा.

मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम का 78 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने शुक्रवार 18 नवंबर को मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है कि उनका निधन हृदय गति रुकने से हुआ. उनके बेटे होशंग गोविल ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया.

पेट की समस्याओं से पीड़ित थी तबस्सुम

तबस्सुम के बेटे होशांग गोविल ने बताया, कुछ दिन पहले उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह पेट की समस्याओं (गेस्ट्रो) से पीड़ित थी और हम वहां जांच के लिए गए थे. उन्हें रात 8.40 बजे और रात 8.42 बजे दो बार दिल का दौरा पड़ा.

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2021 में तब्बसुम की मौत की झूठी खबर फैली थी

मालूम हो अभिनेत्री तबस्सुम की मौत की झूठी खबर अप्रैल 2021 में फैली थी. निधन की फर्जी खबर मीडिया में आने के बाद उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपने निधन की खबर को झूठ बताया था. अफसोस है कि इस बार निधन की खबर फेक नहीं है.

कौन हैं तबस्सुम

मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम ने बाल कलाकार और इसके बाद दूरदर्शन के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ के मेजबान के रूप में ख्याति अर्जित की थी. एक बाल कलाकार के रूप में तबस्सुम को बेबी तबस्सुम के रूप में जाना जाता था.

इन फिल्मों के लिए मशहूर रहीं तबस्सुम

तबस्सुम ने 1940 के दशक के अंत में नरगिस, मेरा सुहाग और मंझधार जैसी फिल्मों में अभिनय किया था. उन्होंने 1972 से 1993 तक दूरदर्शन पर सेलिब्रिटी टॉक शो ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ की मेजबानी की.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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