Tabassum Death: मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम की ये थी आखिरी इच्छा, बेटे होशांग गोविल ने किया खुलासा

बेटे होशांग गोविल ने बताया, कुछ दिन पहले ही उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह पेट की समस्याओं (गेस्ट्रो) से पीड़ित थी. हम जांच के लिए उन्हें अस्पताल ले गये थे. उन्हें रात 8.40 बजे और रात 8.42 बजे दो बार दिल का दौरा पड़ा. उसके बाद शुक्रवार की रात निधन हो गया.

मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम का शुक्रवार को दिल दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 78 साल की थीं. उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली. इधर तबस्सुम के बेटे होशांग गोविल ने तबस्सुम की आखिरी इच्छा के बारे में खुलासा किया.

ये थी तबस्सुम की आखिरी इच्छा

अभिनेत्री तबस्सुम की आखिरी इच्छा थी कि उनके निधन की खबर को दो दिनों तक किसी से शेयर न किया जाए. इसका खुलासा खुद उनके बेटे होशांग गोविल ने किया. उन्होंने ई-टाइम के साथ बातचीत में बताया कि उनकी मां की आखिरी इच्छा थी कि दो दिनों तक किसी को निधन की खबर न दें.

होशांग ने बताया- गेस्ट्रो से पीड़ित थी तबस्सुम

बेटे होशांग गोविल ने बताया, कुछ दिन पहले ही उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह पेट की समस्याओं (गेस्ट्रो) से पीड़ित थी. हम जांच के लिए उन्हें अस्पताल ले गये थे. उन्हें रात 8.40 बजे और रात 8.42 बजे दो बार दिल का दौरा पड़ा. उसके बाद शुक्रवार की रात निधन हो गया.

बाल कलाकार के रूप में तबस्सुम ने की थी करियर की शुरुआत

मशहूर अभिनेत्री तबस्सुम ने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी. उसके बाद उन्हें दूरदर्शन के लोकप्रिय कार्यक्रम फूल खिले हैं गुलशन गुलशन के होस्ट के रूप में बड़ी पहचान मिली. तबस्सुम को बेबी तबस्सुम के रूप में जाना जाता था.

1940 के दशक में इन फिल्मों में किया था अभिनय

तबस्सुम ने 1940 के दशक के अंत में नरगिस, मेरा सुहाग और मंझधार जैसी फिल्मों में अभिनय किया था. उन्होंने 1972 से 1993 तक दूरदर्शन पर सेलिब्रिटी टॉक शो फूल खिले हैं गुलशन गुलशन की मेजबानी की. यही नहीं 1985 में उन्होंने एक फिल्म का डायरेक्शन भी किया था. बड़ी बात है कि उस फिल्म की राइटर और प्रोड्यूसर भी तबस्सुम ही थी. फिल्म का नाम था तुम पर हम कुर्बान. बड़ी बात है कि तबस्सुम की फिल्म से ही जॉनी लीवर ने कॉमेडियन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.

अरुण गोविल से था खास रिश्ता

रामायण धारावाहिक में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल से तबस्सुम का खास रिश्ता था. अरुण गोविल के बड़े भाई विजय गोविल से तबस्सुम की शादी हुई थी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

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