रंगमंच की राह से फिल्मों तक पहुंचे झारखंड के अशोक गोप

झारखंड की राजधानी रांची के अशोक गोप रंगमंच से निकल कर फिल्मों तक अपनी जगह बनायी है. उनका बचपन से ही अभिनय का शौक रहा. स्कूल में ही नाटक का मंचन करते थे. रांची कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुए युवा महोत्सव में नाटक के मंचन के बाद ठान लिया कि अब एक्टिंग ही करनी […]

झारखंड की राजधानी रांची के अशोक गोप रंगमंच से निकल कर फिल्मों तक अपनी जगह बनायी है. उनका बचपन से ही अभिनय का शौक रहा. स्कूल में ही नाटक का मंचन करते थे. रांची कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुए युवा महोत्सव में नाटक के मंचन के बाद ठान लिया कि अब एक्टिंग ही करनी है. अपने शुरुआती दिनों में झारखंड युवा महोत्सव, स्टेट म्यूजियम कंपीटिशन आदि में टीम के साथ परफॉर्म किया. निर्देशन भी किया. रांची यूनिवर्सिटी को नेशनल यूथ फेस्टिवल तक पहुंचाया. इसी दौरान उन्होंने एक्सपोजर थियेटर ग्रुप ज्वाइन किया़ संजय लाल (एनएसडी) के मार्गदर्शन में नाटक की बारीकियों को समझा और उनके साथ कई नेशनल थियेटर शो में भाग लिया.

फुलमनिया के पति का निभाया है किरदार : इसी क्रम में अशोक गोप को फिल्मों में भी काम करने का मौका मिला. रेड कॉरिडोर सहित कई शॉर्ट फिल्म और यूनिसेफ व दूरदर्शन की टेलीफिल्मों में भी अपनी भूमिका निभायी. लोहरदगा में मुख्य अभिनेता के दोस्त की भूमिका निभायी है. इसके बाद फुलमनिया में फुलमनिया के पति की भूमिका में दिखे़ इस फिल्म में नंदू के किरदार से इनको लोगों ने जाना और अभिनय की तारीफ की़ साथ ही रामराज्य, मदरसा और हिंदुस्तानी जैसी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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