Jana Nayagan Box Office Day 17: थलपति विजय की ‘जना नायकन’ बॉक्स ऑफिस पर तीसरे हफ्ते में पहुंच चुकी है. खास बात ये है कि यह विजय की आखिरी फिल्म बताई जा रही है, इसलिए इसके कलेक्शन पर फैंस की खास नजर बनी हुई है. शुक्रवार को कमाई थोड़ी सुस्त रहने के बाद शनिवार को फिल्म ने फिर रफ्तार पकड़ी और सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ी. इसका सीधा फायदा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ा और 17वें दिन फिल्म की कमाई में 135 फीसदी का उछाल आया. आइए बताते हैं शनिवार को फिल्म ने कितने करोड़ कमाए और अब इसका कुल कलेक्शन कहां पहुंच गया है.
17वें दिन कितनी हुई कमाई?
Sacnilk के मुताबिक, ‘जना नायकन’ ने 17वें दिन भारत में 2.35 करोड़ रुपये नेट कमाए. इससे पहले 16वें दिन फिल्म ने 1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यानी एक दिन में फिल्म की कमाई 1.35 करोड़ रुपये बढ़ गई.
शनिवार को फिल्म के 2,087 शोज चले. तमिल वर्जन की कुल ऑक्यूपेंसी 40.74 फीसदी रही. सुबह के शोज में 23.42 फीसदी सीटें भरीं, जबकि दोपहर में ऑक्यूपेंसी 40.42 फीसदी पहुंच गई. शाम के शोज में 39.42 फीसदी और रात के शोज में सबसे ज्यादा 48.58 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई.
तमिल वर्जन ने फिर संभाला बॉक्स ऑफिस
‘जना नायकन’ की कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा इसके तमिल वर्जन का है. 17वें दिन तमिल वर्जन ने 2.20 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. वहीं हिंदी वर्जन से फिल्म को करीब 15 लाख रुपये मिले.
शनिवार की कमाई के बाद फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 188.50 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन अब 219.71 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
ओवरसीज में भी जारी है कमाई
घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ फिल्म विदेशों में भी लगातार कमाई कर रही है. 17वें दिन ‘जना नायकन’ ने ओवरसीज मार्केट से करीब 25 लाख रुपये ग्रॉस कमाए.
इसके साथ ही फिल्म की कुल ओवरसीज कमाई 93.15 करोड़ रुपये पहुंच गई है. भारत और विदेशों की कमाई को जोड़ें तो ‘जना नायकन’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 312.86 करोड़ रुपये हो गया है.
क्या है ‘जना नायकन’ की कहानी?
'जना नायकन' एक पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा है, जिसमें थलपति विजय लीड रोल में हैं. फिल्म को एच. विनोद ने डायरेक्ट किया है. विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े और ममिता बैजू अहम किरदारों में हैं. फिल्म में नासर, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन, नरैन और प्रियामणि भी नजर आते हैं.
कहानी एक पूर्व IPS अधिकारी की है, जो अपने दिवंगत दोस्त की बेटी की जिम्मेदारी लेता है. लड़की बचपन के एक सदमे से गुजर रही होती है और वह उसे इस मुश्किल से बाहर निकलने में मदद करता है. साथ ही, वह उसे भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है.
लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है, जब विजय का सामना देश की व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाली पावरफुल और करप्ट ताकतों से होता है. इसके बाद कहानी में जमकर एक्शन, पॉलिटिक्स और ड्रामा देखने को मिलता है.
