indian idol 16:सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ में झारखंड के धनबाद के रहने वाले युवा गायक अभिषेक कुमार ने अपनी सुरीली आवाज के दम पर टॉप 10 प्रतियोगियों में जगह बना ली है. उन्होंने अब तक की अपनी जर्नी को लेकर उर्मिला कोरी के साथ कई दिलचस्प और भावुक पल साझा किये हैं.बातचीत के प्रमुख अंश
आप झारखंड से मुंबई तक की अपनी जर्नी को कैसे देखते हैं. हताश होने पर खुद को कैसे मोटिवेट करते थे?
मेरी जर्नी बहुत अच्छी रही है. बचपन से ही गाने का शौक था और परिवार का पूरा साथ मिला, इसलिए संगीत सीखने का मौका मिला. सीखते-सीखते कई रियलिटी शोज में कोशिश की. 2025 में इंडियन आइडल 16 में मेरा सिलेक्शन हुआ, जिसके लिए मैं बेहद शुक्रगुजार हूं. ऑडिशन के दौरान मैंने भगवान से गोल्डन टिकट की प्रार्थना की थी, लेकिन उन्होंने उससे भी ज्यादा दिया. मुंबई तक ही नहीं, हाल ही में अबू धाबी में भी इंडियन आइडल का स्पेशल एपिसोड शूट करने का मौका मिला. मैं भगवान और इंडियन आइडल दोनों का आभारी हूं. मुझे मोटिवेट रखने का एक ही जरिया है, संगीत से प्रेम. मैंने तीन-साढ़े तीन साल की उम्र से गाना शुरू किया था. तब दुनियादारी की समझ नहीं थी, पर संगीत से गहरा लगाव था. आज भी उसी प्रेम के लिए गाता हूं,सिलेक्शन हो या न हो, मुझे बस गाना है. गिव अप करना मेरे लिए कभी विकल्प नहीं रहा.
सिंगिंग को करियर चुनने पर आपके परिवार का क्या रिएक्शन था?
मैं एक साधारण परिवार से आता हूं, इसलिए आर्थिक स्थिति बेहतर करना हमेशा मेरे दिमाग में रहा. पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दिया. मैं स्कूल में टॉपर रहा और दसवीं व बारहवीं, दोनों में टॉप किया. इसके बाद म्यूजिक में ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. मेरा लक्ष्य हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक का प्रोफेसर बनना है. मेरे गुरुजी भी डीयू में प्रोफेसर हैं. मम्मी-पापा ने भी कहा, ठीक है, म्यूजिक में प्रोफेसर बन जाओ, क्योंकि प्रोफेसर की सैलरी काफी अच्छी होती है. मैंने उनसे वादा किया कि प्रोफेसर बनने के साथ-साथ सिंगर बनने की कोशिश भी जारी रखूंगा. मैंने एमए कर लिया है और इंडियन आइडल के बाद पीएचडी करने की योजना है.
पहली बार सिंगिंग रियलिटी शो के मंच पर नजर आ रहे हैं. क्या लीजेंड जजों के सामने परफॉर्म करते समय नर्वस होते हैं?
हर परफॉर्मेंस में थोड़ा डर लगता है. पहली बार जब गाया था, तो ज्यादा नर्वस था, क्योंकि जजों को पहली बार सामने से देखा था. अब हर शो के साथ उनसे बातचीत होती है, तो समझ आता है कि वे बहुत अच्छे हैं, हमें स्पेस देते हैं. इससे घबराहट कुछ कम होती है, लेकिन कभी पूरी तरह खत्म नहीं होती. मैंने सीखा है कि कॉन्फिडेंस कभी 100 प्रतिशत नहीं होना चाहिए, वरना काम बिगड़ सकता है. नर्वसनेस और कॉन्फिडेंस के बीच संतुलन जरूरी है. न ज्यादा नर्वस, न ज्यादा कॉन्फिडेंट, मैं हमेशा वही बैलेंस बनाए रखता हूं.
इस जर्नी में क्या कभी ‘शो मस्ट गो ऑन’ वाला पल आया?
हां, ऐसा हुआ. मैं रात में ऑनलाइन इंडियन क्लासिकल और हिंदी फिल्म म्यूजिक की क्लासेस लेता था. साथ ही इंडियन आइडल में बैंड रिहर्सल, शूट और बाकी तैयारियां भी चल रही थीं. लगातार डेढ़ महीने तक कम आराम मिलने से मेरा गला और तबीयत दोनों खराब हो गये. एक परफॉर्मेंस से पहले हालत ऐसी थी कि मैं बोल भी नहीं पा रहा था. शूट से दो दिन पहले डॉक्टर ने वॉइस रेस्ट की सलाह दी, तो मैं पूरी तरह चुप रहा. शूट के दिन गाने से पहले सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया. मगर सब अच्छे से हो गया. रियलिटी शो में अक्सर दुख को बेचा जाता है.
आपके पिता के पानीपुरी स्टॉल का जिक्र होता है, क्या आपको बुरा लगता है?
अगर मेरे पापा डॉक्टर होते और मेरा सिलेक्शन होता, तो लोग बस पूछते कि आपके पापा क्या करते हैं, मैं कहता डॉक्टर हैं और बात वहीं खत्म हो जाती, चूंकि मेरे पापा पानीपुरी का ठेला लगाते हैं, तो लोग यह पूछते हैं कि अच्छा, आपके स्ट्रगल हैं, तो उसको हाइलाइट किया जा रहा है. हाइलाइट वो तब भी होता, अगर मेरे पापा डॉक्टर होते. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. किसी के पापा डॉक्टर हैं, किसी के वकील और मेरे पापा पानीपुरी बेचते हैं. फर्क सिर्फ नजरिये का है. हां, बस पैसों का थोड़ा स्ट्रगल होता है और वैसी कोई बात नहीं. प्रोफेशन तो प्रोफेशन है.
शो के दौरान सबसे बेस्ट कॉम्पलिमेंट कब मिला.
मैं श्रेया मैम का बहुत बड़ा फैन हूं. उनकी हर बात मुझे अच्छी लगती है. वह मेरे लिए भगवान जैसी हैं. जब भी वह कुछ कहती हैं, कोई रिएक्शन देती हैं या बुलाकर गले लगाती हैं, वह हर पल मेरे लिए बेहद खास होता है
आप किस तरह के सिंगर के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं और किस अभिनेता की आवाज बनना चाहेंगे?
. वैसे मैं किसी जॉनर में बंधना नहीं चाहता हूं. मैं हर तरह के गाने गाना चाहता हूं. मुझे शाहरुख खान, ऋतिक रोशन और अक्षय कुमार बहुत पसंद हैं. मैं उनके लिए गाना चाहूंगा.
मुंबई में रहते हुए झारखंड से जुड़ी किन चीजों को सबसे ज्यादा मिस करते हैं?
सबसे ज्यादा मैं अपनी फैमिली को मिस करता हूं. पापा बीच में मिलने आये थे, पर मम्मी और बहन से कई महीनों से सिर्फ वीडियो कॉल पर ही बात हो रही है. मम्मी के हाथ का खाना और घर पर सुकून से सोना बहुत याद आता है.
