इन 5 बड़े कारणों की वजह से ठंडा पड़ा गोविंदा का स्टारडम, कभी थे ‘हीरो No. 1’

Govinda Downfall: एक समय के सुपरस्टार गोविंदा का करियर आज ठहर सा गया है. फिटनेस, बदलते ट्रेंड्स और सोशल मीडिया से दूरी समेत कई ऐसे कारणों हैं, जिनकी वजह से वे इंडस्ट्री में पीछे रह गये. जानिए वो पांच वजहें… जिनसे ‘हीरो नंबर 1’ का स्टारडम फीका पड़ा.

Govinda Downfall: एक दौर था जब गोविंदा का नाम ही फिल्म की गारंटी माना जाता था. उनकी एंट्री होते ही सिनेमा हॉल सीटियों और तालियों से गूंज उठता था. कॉमेडी हो, रोमांस हो या एक्शन हर अंदाज में वो दर्शकों के दिल जीत लेते थे. खासकर उनका डांस स्टाइल तो अलग ही पहचान बन चुका था. लेकिन वक्त के साथ सब कुछ बदल गया. 61 साल की उम्र में गोविंदा अब बड़े पर्दे से लगभग दूर हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि ‘हीरो नंबर 1’ का करियर धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया? आइए आसान भाषा में समझते हैं उन 5 बड़े कारणों को.

1. नंबर 1 इमेज में फंसकर रह गए

कूली नंबर 1, हीरो नंबर 1, आंटी नंबर 1, जोड़ी नंबर 1 और अनारी नंबर 1 जैसी फिल्मों ने उन्हें ‘नंबर 1’ स्टार बना दिया. लेकिन बाद में यही इमेज उनके लिए दायरा बन गई. दर्शक उन्हें एक ही तरह के किरदार में देखने के आदी हो गए और वो इससे बाहर निकलने का रिस्क नहीं ले पाए.

2. फिटनेस पर कम ध्यान

फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने के लिए फिट रहना बेहद जरूरी है. उनके साथ के कई एक्टर्स ने उम्र बढ़ने के साथ खुद को और फिट बनाया, लेकिन गोविंदा इस मामले में पीछे रह गए. इसका असर सीधे उनके रोल्स और स्क्रीन प्रेजेंस पर पड़ा.

3. सोशल मीडिया से दूरी

आज के दौर में सोशल मीडिया स्टार की पॉपुलैरिटी का बड़ा पैमाना है. जहां उनके समकालीन कलाकार ऑनलाइन काफी एक्टिव हैं, वहीं गोविंदा इस मामले में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे. इससे नई पीढ़ी के दर्शकों से उनका कनेक्शन कमजोर होता गया.

4. बदलते दौर के साथ तालमेल की कमी

90 के दशक में गोविंदा की फिल्मों का जादू सिर चढ़कर बोलता था. लेकिन समय के साथ दर्शकों की पसंद बदली. कंटेंट-ड्रिवन और अलग तरह की फिल्मों का दौर आया, जिसमें गोविंदा खुद को ढाल नहीं पाए. नतीजा यह हुआ कि नई फिल्मों में उनकी मौजूदगी कम होती गई.

5. कमबैक की कोशिशें भी हुईं नाकाम 

उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन वह असर नहीं दिखा. साल 2019 में आई “रंगीला राजा” उनकी आखिरी फिल्म रही, जो बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई. इसके बाद से वह बड़े पर्दे से लगभग गायब हैं.

यह भी पढे़ं: इंटिमेट वेडिंग करेंगे कृतिका कामरा और गौरव कपूर, डेस्टिनेशन और हाईफाई प्लान को कहा “ना”

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >