Dharmendra Untold Story: ₹200 रुपए के लिए गैराज में नौकरी करते थे धरम पाजी, आज 100 एकड़ में फॉर्म हाउस

Dharmendra Untold Story: धर्मेंद्र का संघर्ष भरा सफर बेहद प्रेरणादायक है. गैराज में रहकर 200 रुपए की नौकरी से शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र ने ऑडिशन, मेहनत और आत्मविश्वास के सहारे बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई. आज धर्मेंद्र पंचतत्व में विलीन हो गये हैं. पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी…

Dharmendra Untold Story: धर्मेंद्र की जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. एक छोटे से गांव का लड़का बड़े सपने लेकर मुंबई पहुंचा, लेकिन शुरुआत इतनी आसान नहीं थी. एक इंटरव्यू और इंडियन आइडल रियलिटी शो 11 के सेट पर खुद धर्मेंद्र ने बताया था कि जब वे मुंबई आए, तब उनके पास रहने की कोई जगह नहीं थी. उस समय वे एक गैराज में रहते थे और वहीं से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी. कमाई के लिए उन्होंने एक ड्रिलिंग फर्म में नौकरी की, जहां सिर्फ 200 रुपए मिलते थे. इतने कम पैसे में गुजारा मुश्किल था, इसलिए वे ओवरटाइम भी करते थे. दिनभर मेहनत और रात में सपनों का बोझ. यही उनकी असली दिनचर्या थी.

इस फिल्म के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

धर्मेंद्र की तस्वीर

मुंबई में शुरुआती समय सिर्फ संघर्ष, धोखे और उम्मीदों का खेल था. फिल्मफेयर टैलेंट अवॉर्ड जीतने के बाद वादा किया गया था कि उन्हें एक फिल्म में लीड रोल मिलेगा, लेकिन वो फिल्म कभी बनी ही नहीं. फिर भी धर्मेंद्र पीछे नहीं हटे. ऑफिसों के चक्कर, ऑडिशन, इंतजार और रिजेक्शन, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलने लगे और फिर आई वो फिल्म जिसने उन्हें पहली बार उन्हें असली पहचान दी, “दिल भी तेरा हम भी तेरे”. बस फिर क्या था, वही शुरुआत आगे जाकर उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ और सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बना गई. आज धर्मेंद्र की संपत्ति में 26 कंपनियों के शेयरों में 508.3 करोड़ रुपये का निवेश, लोनावाला स्थित 100 एकड़ का 120 करोड़ रुपये वाला फॉर्म हाउस और विजयता फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड का कारोबार शामिल है.

पंजाब में धर्मेंद्र की संपत्ति

बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र

एक्टर धर्मेंद्र का जन्म पंजाब के साहनेवाल गांव में हुआ था. वहां पर उनका पैतृक हवेली अब भी मौजूद है. धर्मेंद्र की पैतृक संपत्ति लुधियाना जिले में केंद्रित है, जिसमें डंगो, साहनेवाल और अजीत नगर क्षेत्र शामिल हैं. 2015 में उन्होंने हम्ब्रन रोड पर 2.5 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया था.

89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

एक शो के दौरान धर्मेंद्र

बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं. 89 साल की उम्र में 24 नवंबर को उन्होंने आखिरी सांस ली है. धर्मेंद्र के निधन के बाद से पूरी इंडस्ट्री में शोक का माहौल है. उनके निधन के बाद उनके पुराने दोस्त अमिताभ बच्चन को गहरा झटका लगा है. उन्होंने सोमवार देर रात अपने दोस्त धर्मेंद्र के लिए भावुक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र सिर्फ बड़े एक्टर ही नहीं थे, वे बड़े दिल वाले इंसान भी थे.

ALSO READ: Dharmendra के निधन के बाद रातभर नहीं सो पाए अमिताभ बच्चन, टूट गयी जय-वीरू की जोड़ी, भावुक पोस्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >