CINTAA Crisis: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी विवाद गहराता नजर आ रहा है. संगठन की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 12 निर्वाचित सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे CINTAA की सदस्यता नहीं छोड़ रहे हैं.
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर क्या आरोप?
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने अपने पत्र में अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि कई महत्वपूर्ण फैसले पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी की मंजूरी के बिना लिए गए.
पत्र में कहा गया है कि नेतृत्व ने कथित तौर पर सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया, सलाह-मशविरा और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया.
स्पेशल मीटिंग को लेकर भी सवाल
सदस्यों ने कुछ स्पेशल और इमरजेंसी एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग्स को लेकर भी आपत्ति जताई है. आरोप है कि इन बैठकों में ऐसे एजेंडे रखे गए, जिनके जरिए पहले से लिए गए फैसलों को बदलने या पलटने की कोशिश की गई.
कार्यक्रम की टाइमिंग को लेकर भी आरोप
पत्र में एक कार्यक्रम को लेकर एक्ट्रेस उपासना सिंह ने आरोप लगाया गया है कि कुछ कमेटी सदस्यों को कार्यक्रम का सही समय नहीं बताया गया. इस्तीफा देने वालों का दावा है कि उन्हें गलत समय बताया गया, जिससे अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष कार्यक्रम में अधिक प्रमुखता हासिल कर सकें.
दो साल से तीन साल हुआ कार्यकाल, उठे सवाल
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने एग्जीक्यूटिव कमेटी के कार्यकाल को दो साल से बढ़ाकर तीन साल करने के फैसले पर भी सवाल उठाया है. उनका कहना है कि मौजूदा निर्वाचित सदस्यों के कार्यकाल को बाद में बढ़ाना सही नहीं है और ऐसा बदलाव अगली कमेटी पर लागू होना चाहिए.
Founder’s Day बना आखिरी वजह
पत्र के मुताबिक, Founder’s Day समारोह का अंतिम समय में आयोजन और कथित तौर पर एग्जीक्यूटिव कमेटी की पूर्व मंजूरी नहीं लेना उनके इस्तीफे की आखिरी वजहों में से एक रहा.
सदस्यों ने कहा कि लगातार सामने आ रही इन परिस्थितियों के चलते उनका मौजूदा व्यवस्था से विश्वास उठ गया है और वे ऐसे फैसलों के साथ अपनी सहमति नहीं जता सकते.
सिर्फ पद से इस्तीफा, CINTAA से नहीं
सातों सदस्यों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका इस्तीफा सिर्फ एग्जीक्यूटिव कमेटी के पदों से है. वे CINTAA के सदस्य बने रहेंगे.
उन्होंने महासचिव से इस्तीफे को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से नए चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है.
दस्तावेज में लगाए गए आरोप इस्तीफा देने वाले एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्यों के दावे हैं. इसमें पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे का पक्ष दर्ज नहीं है.
