CINTAA Controversy: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आता दिख रहा है. एग्जीक्यूटिव कमेटी के कई सदस्यों के इस्तीफे के बीच अभिनेत्री और CINTAA की पूर्व जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने प्रभात खबर से एक्सक्लूसिव बातचीत में संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान और कामकाज के तरीके को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं.
उपासना सिंह का आरोप है कि CINTAA में लंबे समय से चुपचाप बैठकें होती थीं, फैसले लिए जाते थे और सभी सदस्यों को इसकी जानकारी तक नहीं होती थी. उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग ‘मैडम जी’ की बात के मुताबिक काम करते थे, उनके लिए सब ठीक रहता था, लेकिन जो किसी मुद्दे पर विरोध करते, उन्हें परेशान किया जाता था.
‘चुपचाप मीटिंग होती थी’
उपासना सिंह ने बातचीत में आरोप लगाया कि कमेटी की बैठकों और फैसलों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जाती थी। उनके मुताबिक, कुछ मीटिंग्स चुपचाप हो जाती थीं और बाद में सदस्यों को उनके फैसलों की जानकारी मिलती थी.
उन्होंने कहा कि कमेटी के भीतर सभी की राय लेने के बजाय कुछ लोगों के हिसाब से फैसले किए जाने लगे थे, जिससे धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया.
‘मैडम जी कहकर उनके हिसाब से चलो तो ठीक…’
उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों के बारे में बात करते हुए कहा कि जो लोग उन्हें ‘मैडम जी’ कहकर उनके अनुसार काम करते थे, उनके साथ कथित तौर पर सब ठीक रहता था. लेकिन अगर कोई उनके फैसले या किसी मुद्दे पर विरोध करता था, तो उसके लिए परिस्थितियां मुश्किल हो जाती थीं.
उनका दावा है कि विरोध करने वाले लोगों को परेशान किया जाता था और कभी-कभी रातोंरात उनकी पोजिशन तक बदल दी जाती थी.
‘अपने लोगों को मौके दिए जाते थे’
उपासना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि CINTAA में कुछ खास लोगों को प्राथमिकता और मौके दिए जाते थे. वहीं, कई दूसरे सदस्यों के साथ कथित तौर पर अलग व्यवहार किया गया.
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के CINTAA कार्ड तक कैंसिल कर दिए गए, जिससे सदस्यों के बीच असंतोष और बढ़ा.
CINTAA के पैसों के इस्तेमाल पर भी सवाल
एक्सक्लूसिव बातचीत में उपासना सिंह ने CINTAA को मिले पैसों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन को मिले पैसों का गलत इस्तेमाल (misuse) हुआ है.
हालांकि, इन वित्तीय आरोपों को लेकर उन्होंने जिन विशेष लेनदेन या रकम का उल्लेख किया है, उन्हें प्रकाशित करने से पहले दस्तावेजी पुष्टि जरूरी होगी.
‘सिर्फ एक-दो लोग नहीं, 11 सदस्य परेशान थे’
उपासना सिंह के मुताबिक, यह किसी एक व्यक्ति या दो लोगों की नाराजगी नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि कमेटी के सभी 11 सदस्य किसी न किसी स्तर पर परेशान थे और इसी वजह से सामूहिक रूप से यह कदम उठाने का फैसला लिया गया.
उन्होंने कहा कि सदस्यों ने मिलकर फैसला किया कि मौजूदा व्यवस्था को खत्म कर एक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नई कमेटी का गठन होना चाहिए.
अब क्या चाहते हैं सदस्य?
उपासना सिंह के मुताबिक, उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं बल्कि CINTAA में निष्पक्ष व्यवस्था और सही तरीके से चुनाव सुनिश्चित करना है.
वह चाहती हैं कि अब पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, सभी सदस्यों को समान अवसर मिले और नई कमेटी नए तरीके से गठित की जाए, ताकि संगठन दोबारा अपने मूल उद्देश्य के साथ काम कर सके.
