CINTAA में इस्तीफे को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. CINTAA की Executive Committee Member और Care Committee की Chairperson रह चुकीं हेतल परमार ने प्रभात खबर से Exclusive बातचीत में Poonam Dhillon और Padmini Kolhapure पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
Hetal का कहना है कि 7 अगस्त को इस्तीफा देने के बाद 8 अगस्त को उन पर इसे वापस लेने का दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं, उनके मुताबिक इसी दौरान CINTAA से अलग नया संगठन बनाने को लेकर भी गुपचुप बैठक हुई.ar
‘Poonam ने खुद बनाकर भेजा इस्तीफा वापस लेने का ड्राफ्ट’
Hetal Parmar के मुताबिक, 8 अगस्त को Poonam Dhillon और Padmini Kolhapure ने उन्हें फोन किया और इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा.
Hetal का आरोप है कि इसके बाद Poonam Dhillon की तरफ से इस्तीफा वापस लेने का पूरा ड्राफ्ट बनाकर उन्हें WhatsApp पर भेजा गया. उनसे कहा गया कि इसी पत्र पर साइन करके भेज दें.
Hetal का कहना है कि उनके पास WhatsApp पर भेजे गए इस ड्राफ्ट और 8 अगस्त को हुई फोन बातचीत से जुड़े सबूत मौजूद हैं.
‘साइन कराया और पत्र लेने घर के नीचे आदमी भेजा’
Hetal के मुताबिक, जब उन्होंने इस्तीफा वापस लेने वाले पत्र पर साइन कर दिया, तो उसे लेने के लिए CINTAA सदस्य Rashid Mehta उनके घर के नीचे पहुंचे.
उनका कहना है कि 8 अगस्त को Rashid Mehta पत्र लेकर गए. Hetal का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया का समय भी उनके पास मौजूद है.
वह इसे अपनी मर्जी से किया गया फैसला नहीं, बल्कि दबाव में उठाया गया कदम बताती हैं.
‘गुपचुप बैठक में नई संस्था बनाने की बात हुई’
Hetal Parmar ने 8 अगस्त की एक बैठक को लेकर भी बड़ा दावा किया है. उनके मुताबिक, इस बैठक में Poonam Dhillon, Padmini Kolhapure, Rakesh Bedi, Paintal जी, Rashid Mehta, Chandraprakash Thakur यानी CP Thakur और Yashpal Sharma समेत कई लोग मौजूद थे. Hetal के अनुसार, बैठक में CINTAA से अलग एक नया संगठन बनाने को लेकर चर्चा हुई.
उनका दावा है कि बैठक में नए नियुक्त किए गए Advocate Subigya और CINTAA का ऑफिस स्टाफ भी मौजूद था.
Hetal का कहना है कि बैठक को लेकर उन्हें गंभीर आपत्ति है और उन्हें यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं लगी.
‘मुझे केस में साथ नहीं देने की धमकी दी गई’
Hetal ने आरोप लगाया कि इस्तीफा वापस लेने के दबाव के साथ-साथ उन्हें मामले में साथ नहीं देने की धमकी भी दी गई.
उनके मुताबिक, 8 अगस्त की बैठक और उससे पहले की घटनाओं के बाद उन्हें लगा कि CINTAA में आगे कुछ ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जो संस्था और उसके सदस्यों के हित में नहीं होंगे. इसी वजह से उन्होंने दोबारा अपना रुख साफ करने का फैसला किया.
‘7 अगस्त को ही इस्तीफा स्वीकार हो चुका था’
Hetal का दावा है कि उनका इस्तीफा 7 अगस्त को ही Labour Commissioner के पास स्वीकार हो चुका था.
ऐसे में उनका सवाल है कि जब इस्तीफा स्वीकार हो गया था, तो 8 अगस्त को बैठक कर उनसे इस्तीफा वापस लेने की कोशिश क्यों की गई?
Hetal ने अपने पत्र में 8 अगस्त की बैठक की वैधता पर भी सवाल उठाया है. उनका कहना है कि 7 अगस्त को उनके समेत 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया था. ऐसे में अगले दिन हुई बैठक और उसमें लिए गए फैसलों की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं.
‘मेरा 7 अगस्त का इस्तीफा ही अंतिम है’
Hetal ने साफ कहा है कि 7 अगस्त को दिया गया उनका मूल इस्तीफा ही उनका अंतिम इस्तीफा है.
8 अगस्त को उनसे लिया गया इस्तीफा-वापसी पत्र वह अब वापस ले रही हैं. उन्होंने यह भी साफ किया है कि 8 अगस्त की बैठक में उनकी मौजूदगी को इस्तीफा वापस लेने की सहमति नहीं माना जाए.
उनका कहना है कि वह ऐसी किसी भी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, जो उनके मुताबिक CINTAA या उसके सदस्यों के हितों के खिलाफ हो.
Poonam Dhillon से संपर्क की कोशिश, जवाब नहीं मिला
इन गंभीर आरोपों पर Poonam Dhillon का पक्ष जानने के लिए प्रभात खबर ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की. उन्हें फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
Padmini Kolhapure और बैठक में बताए गए अन्य सदस्यों का पक्ष भी सामने आने के बाद इस विवाद की तस्वीर और साफ होगी.
फिलहाल Hetal Parmar के आरोपों, 8 अगस्त की बैठक और कथित तौर पर नए संगठन को लेकर CINTAA का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. अब सवाल सिर्फ इस्तीफे का नहीं, बल्कि उस बैठक में हुई कथित चर्चाओं और फैसलों को लेकर भी उठ रहे हैं.
