Sonakshi Sinha Deepfake: दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री Sonakshi Sinha से जुड़े डीपफेक कंटेंट के मामले में अहम अंतरिम आदेश जारी किया है. अदालत ने उनके नाम, चेहरा, आवाज और तस्वीर के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए हैं. कोर्ट का यह फैसला डिजिटल युग में बढ़ते एआई दुरुपयोग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
डीपफेक से हो रहा था दुरुपयोग
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि कुछ लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल कर अभिनेत्री की फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर रहे थे. इन कंटेंट में कई बार उन्हें आपत्तिजनक रूप में दिखाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जा रहा था. कोर्ट ने माना कि इस तरह की गतिविधियों से उनकी छवि को गंभीर नुकसान हो सकता है.
36 घंटे में लिंक हटाने का आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी आपत्तिजनक यूआरएल लिंक 36 घंटे के भीतर हटाए जाएं. अगर तय समय में कार्रवाई नहीं होती है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह निर्देश एआई प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट होस्ट करने वाली साइट्स दोनों पर लागू होगा.
कई कंपनियों के खिलाफ याचिका
इस मामले में सोनाक्षी सिन्हा ने कई संस्थाओं के खिलाफ याचिका दायर की है. इनमें विदेशी एआई प्लेटफॉर्म्स, कुछ ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और अज्ञात व्यक्तियों को शामिल किया गया है. याचिका में आरोप लगाया गया कि उनकी पहचान का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा था, जो पूरी तरह अवैध है.
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डिजिटल दौर में एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे खासकर सेलिब्रिटीज के पर्सनैलिटी राइट्स खतरे में पड़ रहे हैं. कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताते हुए तत्काल रोक लगाने का फैसला किया और आगे की सुनवाई के लिए आपत्तिजनक लिंक की सूची पेश करने को कहा है.
यह फैसला न सिर्फ सेलिब्रिटीज, बल्कि आम लोगों के डिजिटल अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
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