बॉलीवुड की दीपावली: अच्छा लगता है घर को दीये और रंगोली से सजाना

प्रमुख त्योहारों में से एक दीपावली का त्योहार बॉलीवुड सितारे भी धूमधाम से मनायेंगे. इस दौरान कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज अपने घर पर शानदार सेलिब्रेशन पार्टी करने वाले हैं. कई फिल्मी सितारों को पारंपरिक रूप से दीपावली मनाना अच्छा लगता है. उनका कहना है कि जहां मिठाइयां, दीयों के थाल के साथ पूजा-अर्चना हो और अपनों […]

प्रमुख त्योहारों में से एक दीपावली का त्योहार बॉलीवुड सितारे भी धूमधाम से मनायेंगे. इस दौरान कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज अपने घर पर शानदार सेलिब्रेशन पार्टी करने वाले हैं. कई फिल्मी सितारों को पारंपरिक रूप से दीपावली मनाना अच्छा लगता है. उनका कहना है कि जहां मिठाइयां, दीयों के थाल के साथ पूजा-अर्चना हो और अपनों का साथ हो, वही असली दीपावली है. इस दीपावली पर किस सितारे ने किस तरह से की है तैयारी बता रही हैं उर्मिला कोरी…

दीपिका पादुकोण : दीपावली का मतलब मेरे लिए हमेशा से परिवार वाली दीपावली रही है. पारंपरिक दीपावली मनाने में मैं भरोसा करती हूं. फैंसी दीपावली कांसेप्ट मुझे नहीं समझ में आता है. बचपन में जैसे रंगोली, मिठाई, पूजा, नये कपड़े और दीये वाली दीपावली मानती थी वैसे आज भी मनाती हूं और इस बार मैं रणवीर और हमारे दोनों की फैमिली मिलकर पूजा करेंगे और साथ में पूरा परिवार समय बितायेगा. सभी अपने-अपने काम में बीजी रहते हैं ऐसे में यह सबसे अच्छा मौका है सबसे मिलने का. इस दौरान हमसभी लजीज व्यंजनों और मिठाइयों का जमकर लुत्फ उठायेंगे.

उर्वशी रौतेला: छोटे शहर की दीपावली बहुत खास होती है. वहां दीपावली का मतलब अपने लोगों का साथ होता है. इस बार मैं उत्तराखंड में ही अपने परिवार के साथ दीपावली मनाऊंगी. पहाड़ो पर ताजी हवा में दीपावली मनाऊंगी. मां और चाची ढेर सारे पकवान बनाते थे. जिसे हम बच्चे चुटकियों में खत्म कर देते थे. बचपन में सबसे अच्छी ड्रेस खरीदती थी. दोस्तों के साथ झील के पास जाकर खूब मस्ती करती थी. मुझे तोहफे देना पसंद है और जिंदगी ने जो कुछ भी दिया है उसके प्रति आभार व्यक्त करना मुझे पसंद है. मुझे अपने घर के स्टाफ को गिफ्ट देना पसंद है.

कंगना रनौत: मैं इस बार मुंबई नहीं अपने होम टाउन मनाली में दीवाली मनाऊंगी. घर को दिये और रंगोली से सजाना मुझे पसंद है. मेरी बहन रंगोली बनाने में माहिर है. पारंपरिक कपड़े पहनकर लक्ष्मी पूजा इस बार भी करूंगी साथ में मेरा पूरा परिवार होगा. मिठाई के साथ-साथ हिमाचली खाना भी बनेगा. जिसे मैं बहुत एन्जॉय करती हूं.

सोहम शाह: मैंने हमेशा दीपावली अपने परिवार और अपने होमटाउन श्रीगंगानगर पर ही मनायी थी, लेकिन पिछले साल मैंने ये मौका मिस कर दिया क्यूंकि मैं फिल्म सिमरन की शूटिंग के चलते भारत में नहीं था. इसके लिए मैंने अपनी से मां से मार खायी थी तभी से मैंने यह तय कर लिया कि मैं दुनिया के किसी भी कोने में रहूं दीपावली अपने परिवार के साथ ही मनाऊंगा. इस साल भी मैंने अपने काम से ब्रेक लेकर दीपावली के लिए अपने घर और अपने प्रियजनों के पास जाने की तैयारी कर ली हैं. उनके साथ खूब सारी मिठाई और दीये की रोशनी में दीवाली मनाऊंगा.

बलराज : बचपन में दीपावली का मतलब छुट्टियां,पटाखे,मिठाई लेकिन हमारे घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम वो सब खरीद सके. यही वजह है कि दीपावली का मतलब अब मेरे लिए दूसरों की खुशी में खुशी ढूंढना होता है. मैं फैंसी दीयों के बजाय हाथ से बने दीयों को खरीदता हूं क्योंकि हमारी दीपावली की खरीदारी से किसी की दीपावली बन सकती है. घर पर दीपावली की पूजा के बाद मैं मिठाई और दूसरी चीजें बिल्डिंग के वॉचमैन और दूसरे कामगारों को दे देता हूं. जो दीपावली पर अपने घर नहीं जा सके.

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