झारखंड की तस्वीर पेश करती है निरंजन कुजूर की फिल्में

कुड़ुख, हिंदी, चीनी और संताली भाषाओं में बना चुके हैं फिल्मेंलता रानीरांची : फिल्म निर्देशक निरंजन कुजूर का जन्म 1986 में लोहरदगा में हुआ. अब तक कुड़ुख, हिंदी, चीनी और संताली भाषाओं में काम कर चुके है़ं हाल ही में संताली फिल्म दिबि दुर्गा बनायी है़ इसका प्रदर्शन हाल ही में रेनफॉरेस्ट फ्रिंज फेस्टिवल मलयेशिया […]

कुड़ुख, हिंदी, चीनी और संताली भाषाओं में बना चुके हैं फिल्में
लता रानी
रांची :
फिल्म निर्देशक निरंजन कुजूर का जन्म 1986 में लोहरदगा में हुआ. अब तक कुड़ुख, हिंदी, चीनी और संताली भाषाओं में काम कर चुके है़ं हाल ही में संताली फिल्म दिबि दुर्गा बनायी है़ इसका प्रदर्शन हाल ही में रेनफॉरेस्ट फ्रिंज फेस्टिवल मलयेशिया में किया गया है़ यह फिल्म संताली दसई गीत पर आधारित एक गीतचित्र है. इसमें ग्रामीण महिलाओं की दशा को दर्शाया गया है कि कैसे वे सुबह से लेकर रात होने तक जिम्मेदारी निभाती हैं. निरंजन कुजूर की फिल्में ढाका इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, प्रथम इंटरनेशनल इंडिजेनस फिल्म फेस्टिवल ऑफ भुवनेश्वर, 12वें इंटरनेशनल डाक्यूमेंटरी एंड शाॅर्ट फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल में शामिल हो चुकी हैं. उनके व्यक्तित्व का ग्लैमर उनकी फिल्मों में साफ झलकता है़

श्रीप्रकाश जी के साथ काम करने का मौका मिला : पढ़ाई पूरी करने के बाद निरंजन झारखंड आ गये. फिल्मकार श्रीप्रकाश जी के साथ काम करने और सीखने लगे. साथ ही दयामनी बरला जी, महादेव टोप्पो से प्रेरणा मिली. वह बताते हैं कि उनके साथ रहकर झारखंड को नये सिरे से देखने समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जो शायद किताबी ज्ञान पाने वाले विद्यार्थी कभी न जान पायें. वास्तविकता का सही ज्ञान बड़ों से ही मिलता है.
कुड़ुख में दो लघु फिल्में बनायी : 2010 में उनका दाखिला कोलकाता स्थित सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में हुआ. वहां अध्ययन करते हुए उन्होंने मातृभाषा, कुड़ुख में दो लघु फिल्में बना डाली : पहाड़ा (11 मिनट) और एड़पा काना (26 मिनट). उन्होंने यह भाषा का ज्ञान न होते हुए भी किया़ सिनेमा की ताकत को पहचानते हुए भाषा संरक्षण में यह अहम कदम था़ इसके अलावा निरंजन ने ताइवान जा कर चीनी (मैंडरिन) भाषा में भी, मदर नामक फिल्म का भी निर्माण किया़ यह फिल्म सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान और नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट्स के सहकारिता में बनी़
इन फिल्म फेस्टिवलमें ले चुके हैं हिस्सा
17वें ढाका इंटरनेशनल फिल्मफेस्टिवल, बांग्लादेश
प्रथम इंटरनेशनल इंडिजेनस फिल्म फेस्टिवल ऑफ भुवनेश्वर
12वें इंटरनेशनल डाक्यूमेंटरी एंड शाॅर्ट फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल
रेनफॉरेस्ट फ्रिंज फेस्टिवल, मलयेशिया

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