दिमाग कम लगाइए, तो खूब हंसायेगी ‘ मुबारकां’

-उर्मिला कोरी- फ़िल्म : मुबारकां निर्देशक: अनीस बज़्मी निर्माता:आश्विन वरदे , मुराद खेतानी कलाकार : अनिल कपूर ,अर्जुन कपूर,पवन मल्होत्रा,रत्ना पाठक शाह, इलियाना डीक्रूज, आथिया शेट्टी रेटिंग : तीन हाल के वर्षों में बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों का मतलब कहानी पर ज़्यादा फोकस नहीं बल्कि सिर्फ मनोरंजन से सरोकार होता है. इसी की अगली कड़ी […]

-उर्मिला कोरी-

फ़िल्म : मुबारकां

निर्देशक: अनीस बज़्मी

निर्माता:आश्विन वरदे , मुराद खेतानी

कलाकार : अनिल कपूर ,अर्जुन कपूर,पवन मल्होत्रा,रत्ना पाठक शाह, इलियाना डीक्रूज, आथिया शेट्टी

रेटिंग : तीन

हाल के वर्षों में बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों का मतलब कहानी पर ज़्यादा फोकस नहीं बल्कि सिर्फ मनोरंजन से सरोकार होता है. इसी की अगली कड़ी फिल्म मुबारकां है, फिल्म की ज़्यादा दिमाग न लगाओ कहानी पर जाए तो यह करण और चरण (अर्जुन कपूर) दो जुड़वां भाइयों की कहानी है. जिनके बचपन में ही माता पिता की मौत हो गयी है. जिसके बाद एक बच्चा बुआजी(रत्ना पाठक)और दूसरा चाचाजी (पवन मल्होत्रा) गोद ले लेते हैं. इनके बड़े होने पर घरवाले इनकी शादी तय कर देते हैं लेकिन इनकी गर्लफ्रैंड हैं मगर वह अपने परिवार से इस बारे में बता नहीं पाते हैं जिस वजह से हालात कुछ ऐसे बनते हैं.

करण की शादी चरण की प्रेमिका से चरण की करण की प्रेमिका से तय हो जाती है. दोनों भाई चाचा करतार (अनिल कपूर)से मदद मांगते हैं लेकिन इससे कंफ्यूजन के साथ- साथ गलतफहमियां और बढ़ जाती है लेकिन हंसी का डोज भी दुगुना हो जाता है.

क्या करण और चरण को उनका प्यार मिल पाएगा. इसके लिए आपको फ़िल्म देखनी पड़ेगी. फिल्म की कहानी का कंफ्यूजन फिल्म की स्क्रिप्ट को एंगेजिंग बना जाता है हां क्लाइमेक्स को जरूरत से ज़्यादा खींचा गया है. फिल्म का फर्स्ट हाफ ज़्यादा एंटरटेनिंग हैं.

अभिनय की बात करें तो अनिल कपूर इस फिल्म की यूएसपी हैं. वह जब भी परदे पर आते हैं . आप अपनी हंसी नहीं रोक पाते हैं. उनके अभिनय के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है. यह कहना गलत ना होगा.

पवन मल्होत्रा के अभिनय की भी तारीफ करनी होगी. वह कितने उम्दा एक्टर हैं. वह फ़िल्म के कई दृश्य में बता जाते है जिसमें से एक वो गारगिल करने वाला सीन भी हैं. अर्जुन कपूर दोहरी भूमिका में हैं. दोनों किरदारों को उन्होंने अलग -अलग ढंग से निभाया है. इसके लिए उनकी तारीफ करनी होगी. रत्ना पाठक शाह बेहतरीन रहीं है. इलियाना भी अपनी भूमिका में अच्छी रहीं हैं. आथिया के लिए फिल्म में करने को कुछ खास नहीं था. बाकी के किरदार अच्छे रहे हैं.

फ़िल्म का गीत संगीत अच्छा है. हवा- हवा गीत अच्छा बन पड़ा है बाकी के गीत सैड सांग को छोड़कर आंखों को ज़्यादा सुकून देते हैं. फ़िल्म में गाने ज़रूरत से ज़्यादा हैं इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. फिल्म की सिनेमाटोग्राफी अच्छी है फिल्म को लंदन और चंडीगढ़ के खूबसूरत लोकेशन्स में फिल्माया गया है. वीएफएक्स की भी तारीफ करनी होगी जो उन्होंने करण और चरण को एक ही फ्रेम में बखूबी दर्शाया. फिल्म के संवाद अच्छे हैं . कई जोक्स तो बहुत अच्छे हैं जो आपको खूब हंसाते हैं. कुल मिलाकर यह एक एंटरटेनिंग फिल्म है. जिसे आप पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. अनिल कपूर की मौजूदगी इस फ़िल्म को और खास बना देती है.

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