Mahashivratri 2026:परदे पर भगवान शिव का किरदार निभाकर कई अभिनेताओं ने प्रसिद्धि पाई है. इन्ही में से एक नाम अभिनेता तरुण खन्ना का है.जिन्होंने टीवी सीरियल, फिल्मों और स्टेज शोज को मिलाकर अब तक 17 बार भगवान शिव को परदे पर जीवंत किया है.इनदिनों वह शो “हे भगवान कितना बदल गया इंसान “में एक बार फिर महादेव की भूमिका में नज़र आ रहे हैं.शिवरात्रि के खास मौके पर उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश
शिव की कृपा है
शिवकृपा होती है तभी ऐसे रोल बार -बार करने को मिलते हैं। माता पिता ,गुरुओं और महादेव की कृपा नहीं होती थी तो यह नहीं हो पाता था. इतना बड़ा एक्टर तो नहीं हूं कि मुझे ही इस भूमिका को बार बार कास्ट किया जा रहा है. मैं बताना चाहूंगा कि कई बार ऐसा भी हुआ है कि एक ही समय पर दो प्रतिद्वंदी चैनलों के शोज में भगवान शिव की भूमिका में हूं. कई बार लोग यह भी कहते हैं कि मैं टाइपकास्ट हो गया हूं. मुझे ख़ुशी होती है कि मैं महादेव की भूमिका में टाइपकास्ट हूं. भगवान शिव की गरिमा ऐसी है कि किसी भी औने पौने को यह भूमिका नहीं मिलेगी. आपका व्यक्तित्व ऐसा खास होगा तो ही आपको लोग भगवान बनाएंगे तो मैं टाइपकास्ट को बहुत बड़ा सम्मान मानता हूं.
देवों के देव महादेव में हुआ था रिजेक्ट
पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो ” देवों के देव महादेव “में महादेव की भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन मुझे वह किरदार नहीं मिल पाया था। मोहित रैना को वो भूमिका मिली थी. मैं बताना चाहूंगा कि शुरुआत में कोई और शो का प्रोड्यूसर था लेकिन बाद में किसी और शो को बनाया। इसके साथ मैं ये भी शेयर करूँगा कि शुरुआत में मोहित रैना को भी किसी और रोल के लिए गया था। ये बात खुद मुझे मोहित ने बताई थी लेकिन बाद में उन्हें शिव की भूमिका के लिए कास्ट किया गया.उस शो में मैंने रावण की भूमिका को निभाया था। रावण की भूमिका करते हुए निजी जिंदगी में मैं शिव भक्त बन गया क्योंकि किरदार के लिए बहुत रिसर्च किया। बहुत पढ़ा था. उसके बाद शिव से रिश्ता जुड़ गया। जिसके बाद भगवान शिव की पूजा करते हुए कई बार पूछा कि मैं कहां चूक गया भगवान, जो मुझे शिव बनने का मौका नहीं मिला । मुझे लगता है कि भगवान शिव ने मेरी सुन ली। उसके बाद तो एक के बाद एक शोज में मैं भगवान शिव की भूमिका को निभाता आ रहा हूँ।
फिल्म में मिला था पहला मौका
सभी को लगता है कि टीवी सीरियल साल 2016 में कर्मफल दाता शनि में मुझे यह मौक़ा मिला था लेकिन मैंने पहली बार भगवन शिव की भूमिका 2014 की सागर आर्ट्स निर्मित मायथोलॉजिकल थ्री डी फिल्म अरासुरी माँ अम्बे में निभायी थी. उसके बाद मुझे कर्मफल दाता ऑफर हुआ था. थोड़ा नर्वस था.वैसे आज भी मैं परदे पर भगवान् शिव की भूमिका को निभाते हुए नर्वस हो जाता हूँ
नापतौल कर खाता हूं
मैं हमेशा से फिट रहा हूं. मेरे पिता एयरफोर्स में थे तो वह मुझे सुबह पांच बजे उठा देते थे. स्कूल हो या ना हो. वह फिट रहने के लिए भी हमेशा मोटिवेट करते थे तो मेरी जो भी फिटनेस है .वह स्वर्गीय धरमवीर खन्ना जी की वजह से है. हालांकि मुझे अपनी फिटनेस पर लगातार काम करते रहना पड़ता है क्योंकि मुझे पता है कि मुझे अपनी शर्ट महादेव की भूमिका में उतारनी ही है.मैं रोजमर्रा के जीवन में अपने खानपान पर बहुत परहेज रखता हूं,लेकिन अगर कहीं गया हूँ और वहां की कोई खाने की चीज प्रसिद्ध है तो मैं फिर उसे खाने से खुद को नहीं रोकता हूं. मैं थिएटर प्ले ‘हमारे राम’ के अब तक 400 शोज कर चुका हूं. उसमें भी मैं शिव ही बनता हूं. उस प्ले के सिलसिले में बहुत जगह जाना पड़ता है तो फिर मैं चीटिंग करता हूं. वरना नापतौल के खाता हूं. टीवी पर भी शो करता हूं इसलिए रोज वर्कआउट नहीं कर पाता हूं ,लेकिन महीने में 15 दिन इंटेस वर्कआउट करता हूं. कई बार ऐसा भी हुआ है कि मैंने कहा है कि मैं देर से शूटिंग ज्वाइन करूंगा क्योंकि मैं वर्कआउट करके आऊंगा.वर्कआउट करना मेरे किरदार का हिस्सा है.सब इसमें मुझे सपोर्ट भी करते हैं.
शिव की भूमिका ने सकारात्मक बनाया
शिव के किरदार ने जिंदगी बदल दी है. मैं आउटसाइडर हूं. इस भूमिका की वजह से लगातार काम मिल रहा है.पे चेक भी अच्छा हुआ है. व्यक्तित्व में आये बदलाव की बात करूं. मैं बहुत सकारात्मक इंसान बन गया हूँ.पहले मैं बात बात पर गुस्सा हो जाता था. अब मैं दूसरों का भी नज़रिया समझता हूँ. यह शिव की भूमिका की वजह से ही है.
धार्मिक इंसान हूं
मैं सनातन धर्म में यकीन करता हूं.सनातन धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो कहता है कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” मतलब पूरी धरती आपका परिवार है. शायद ही किसी और धर्म में यह बात कही गयी हो. मैं धार्मिक हूं. सारे रीति -रिवाज मानता हूं क्योंकि वह सभी साइंटिफिक हैं. शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का अभिषेक दूध से करता हूं,लेकिन शिवलिंग के नीचे कोई पात्र रख देता हूँ और फिर उस दूध को जानवरों को दे देता हूं। —
