UP Election 2022: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन कानपुर से लड़ेंगी विधानसभा चुनाव, बोले असदुद्दीन ओवैसी

UP Election 2022: अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन कानपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यह एलान किया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 27, 2021 8:39 PM

UP Election 2022: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से कानपुर से बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन विधानसभा चुनाव लड़ेंगी. एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए यह एलान किया ओवैसी ने कहा कि शाइस्ता परवीन अन्य उम्मीदवारों को टिकट भी बांटेंगी.

पूर्व सांसद अतीक अहमद की पत्नी ने भी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अतीक के भेजे पत्र को पढ़ा और कहा कि अखिलेश यादव की वजह से अतीक अहमद जेल में हैं. शाइस्ता ने मंच पर आंसू भी बहाया और अपने बेटे को अकारण फंसाने का भी आरोप लगाया.जेल से भेजे गए पत्र में अतीक ने असदुद्दीन ओवैसी को अपना नेता मानते हुए तारीफों के पुल बांधे.

Also Read: शिवसेना ने ओवैसी को बताया भाजपा का ‘अंडरगारमेंट’, पाकिस्तान को बताया भगवा राजनीति का अहम हिस्सा

वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों के हक में नहीं बोलते हैं. उन्हें डर है कि ऐसा करने से उनके वोट खिसक जाएंगे. ओवैसी ने कहा कि जहां हम चुनाव लड़े, वहां भाजपा की सरकार नहीं बनी.

Also Read: सियासी गर्मी में असदुद्दीन ओवैसी का नया शिगूफा, अब किसी की ‘बारात में बाजा’ नहीं बजाएंगे यूपी के मुसलमान

ओवैसी ने इस दौरान कहा कि केंद्र में मोदी और यूपी में योगी कैसे चुनाव जीते? जबकि मुसलमानों ने बीजेपो को वोट नहीं दिया. उन्होंने सवाल किया कि उन्हें एकजुट होकर किसने वोट दिया? कानपुर में बीजेपी का सांसद कैसे जीता? जिन्हें मुसलमानों ने 75 फीसदी वोट दिया, उनके कुल 15 सांसद बने. इसकी वजह यह है कि हिंदुओं ने एकजुट होकर मोदी और योगी को वोट दिया था.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की स्थिति किसी बारात की ‘बैंड बाजा पार्टी’ जैसी हो गई है, जहां पहले उन्हें म्यूजिक बनाने के लिए कहा जाता है. बाद में उन्हें वेडिंग प्लेस के बाहर खड़ा कर दिया जाता है, लेकिन अब मुसलमान किसी बारात में बाजा नहीं बजाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि देश में हर जाति का एक नेता है, लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं है. खासकर, उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की आबादी 19 फीसदी है, लेकिन यहां एक भी नेता नहीं है.

Also Read: UP Election 2022: ‘यह बीज बोने का नहीं, फसल काटने का वक्त है’, किस ओर है असदुद्दीन ओवैसी का इशारा?

Posted By: Achyut Kumar

Next Article

Exit mobile version