UP मेें मुसलमानों की साक्षरता-दर सबसे कम, केवल 10 लोगों को ही मिला घर, ओवैसी ने CM योगी पर कुछ यूं साधा निशाना

असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी के तुष्टिकरण बयान पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यूपी में मुसलमानों की साक्षरता दर सबसे कम है. यही नहीं, उनके इलाके में स्कूल-कॉलेज भी नहीं खोले जाते.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 14, 2021 3:34 PM

UP Vidhan Sabha Chunav 2022: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adutyanath) पर निशाना साधा है. ओवैसी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यूपी में मुसलमानों की 60 प्रतिशत ड्रॉप आउट दर को नियंत्रित करने के लिए आपने क्या किया? एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि 2017-18 में 6 लाख से अधिक घरों में से केवल 10 घरों को ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मुसलमानों को आवंटित किया गया. इसके अलावा, एमएसडीपी के तहत अल्पसंख्यकों के लिए आवंटित 1600 करोड़ रुपये में से केवल 16 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए.

‘अब्बा जान’ कहने वाले ही पहले पचाते थे राशन

बता दें, रविवार को सीएम योगी ने कुशीनगर में लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में तुष्टिकरण की राजनीति के लिए अब कोई जगह नहीं है. पहले ‘अब्बा जान’ कहने वाले ही राशन पचाते थे. इस दौरान उन्होंने लोगों से पूछा था कि 2017 से पहले क्या सभी को राशन मिलता था?

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‘बाबा’ ने अल्पसंख्यकों के विकास पर खर्च किए कम रुपये

ओवैसी ने सीएम योगी के इस बयान पर पलटवार करते हुए पूछा, कैसा तुष्टिकरण? प्रदेश के मुसलमानों की साक्षरता-दर सबसे कम है. मुस्लिम बच्चों का ड्रॉप आउट रेट सबसे ज़्यादा है. यही नहीं, मुस्लिम इलाको में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जाते. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के विकास के लिए केंद्र सरकार से बाबा (सीएम योगी) की सरकार को ₹16207 लाख मिले थे, जिसमें से बाबा ने सिर्फ ₹1602 लाख खर्च किया.

‘अब्बा’ के बहाने किसके वोटों का पुष्टिकरण हो रहा है बाबा?

एआईएमआईएम प्रमुख ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा, 2017-18 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मात्र 10 मुसलमानों को घर मिले. उन्होंने कहा, ‘अब्बा’ के बहाने किसके वोटों का पुष्टिकरण हो रहा है बाबा? देश के 9 लाख बच्चे गंभीर तौर पर कुपोषित हैं, जिसमें से 4 लाख बच्चे सिर्फ़ यूपी से हैं.

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अगर काम किए होते तो ‘अब्बा, अब्बा’ चिल्लाना नहीं पड़ता

ओवैसी ने कहा कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में 13,944 सब-सेंटर्स की कमी है, 2,936 पीएचसी और 53 प्रतिशत सीएचसी की कमी है. उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के मुताबिक, बाबा-राज में यूपी के पीएचसी में सबसे कम डॉक्टर मौजूद हैं. कुल 2277 डॉक्टरों की कमी है. अगर काम किए होते तो ‘अब्बा, अब्बा’ चिल्लाना नहीं पड़ता.

Posted by: Achyut Kumar

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