UPSC AIR 185 Ritika Pandey Success Story: UPSC सिविल सेवा परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का सपना होती है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलती है. रितिका पाण्डेय ने वह कर दिखाया है जिसे सुनकर हर मेहनतकश परिवार की आंखें चमक उठेंगी. बिना महंगी कोचिंग के उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 185वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया. आइए उनकी जर्नी (Ritika Pandey Success Story) को करीब से देखते हैं.
Ritika Pandey Success Story: कौन हैं रितिका पाण्डेय?
रितिका पाण्डेय का परिवार मूल रूप से नवादा जिले के हिसुआ का रहने वाला है, लेकिन परिवार लंबे समय से रांची में एक छोटे से किराए के कमरे में रह रहा है. उनके पिता संजय पाण्डेय दुकानों के लिए थैला प्रिंटिंग और सप्लाई का काम करते हैं.
पढ़ाई में हमेशा रहीं अव्वल
रितिका शुरू से ही पढ़ाई में तेज थीं. उन्होंने रांची और दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. रांची के Manan Vidya School से 12वीं में स्टेट टॉपर सूची में दूसरा स्थान हासिल किया. इसके बाद उन्होंने University of Delhi के Gargi College से फिजिक्स ऑनर्स किया और 9.7 CGPA के साथ अपने बैच में दूसरा स्थान प्राप्त किया.
रितिका के परिवार की कमाई सीमित थी, खर्चे बड़े थे, लेकिन बेटी के सपनों पर कभी ब्रेक नहीं लगाया गया. महंगी कोचिंग की फीस भरना आसान नहीं था. कई बार हालात ऐसे बने कि लगने लगा सपना दूर है, लेकिन रितिका ने ठान लिया था कि मंजिल चाहे जितनी मुश्किल हो, रुकना नहीं है.
ऑनलाइन क्लास से तैयारी
रितिका मोबाइल और लैपटॉप के सहारे ऑनलाइन तैयारी करने लगीं. उन्होंने सेल्फ स्टडी और डिजिटल क्लासेस को अपना हथियार बनाया. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC की परीक्षा रैंक 185 लाकर क्रैक कर ली.
रितिका को यूपीएससी सिविल सर्विस के तीसरे प्रयास में सफलता हासिल हुई. उन्हें कुल 985 अंक प्राप्त हुए. इसमें लिखित परीक्षा में 798 मार्क्स और इंटरव्यू में 187 अंक मिले. रैंक के अनुसार उनका सेलेक्शन IPS के लिए हो सकता है.
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