Uma Chakravarti JNU: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो लोगों के बीच चर्चा में आया है. ये वीडियो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का बताया जा रहा है, जिसमें एक प्रोफेसर ABVP यानी कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर जोर-जोर से चिल्लाती दिखीं. ये महिला बोल रही हैं चुप हो जाओ, बैठ जाओ. इस वीडियो में ABVP Go Back के नारे भी लगाए जाते हैं. ऐसे में लोगों की दिलचस्पी ये जानने में है कि आखिर ये महिला कौन हैं.
कौन हैं प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती?
प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती (Professor Umar Chakravarti) एक फेमस फेमिनिस्ट राइटिर, इतिहासकार, फिल्म निर्माता और सोशल एक्टिविस्ट हैं. पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इतिहास में MA किया है. DU के फेमस मिरांडा हाउस कॉलेज में करीब 30 सालों तक पढ़ाया है. महिला आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारी को लेकर उन्होंने प्रमुख रूप से काम किया है.
10 अगस्त को उमर खालिद की किताब पर र्चचा
10 अगस्त को JNU कैंपस में उमर खालिद(Umar Khalid) की किताब फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज: आदिवासी हिस्ट्री एंड द पॉलिटिक्स ऑफ पावर’ पर चर्चा हुई. ये चर्चा ‘आदिवासी दिवस’ के अवसर पर उमर खालिद की ओर से प्रकाशित पुस्तक पर केंद्रित थी. इस कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रभु महापात्र, प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बनोज्योत्सना लाहिड़ी शामिल थे.
JNU ने रद्द कर दी थी बुकिंग
JNU की ओर से स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) के ऑडोटोरियम में होने वाले इस कार्यक्रम की बुकिंग रद्द कर दी गई थी. यूनिवर्सिटी ने ये कहते हुए कि कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कुछ तथ्यों को छुपाया गया, इसकी बुकिंग रद्द कर दी थी. यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में नोटिस भी जारी किया था.
JNU प्रशासन के मनाही के बाद JNU स्टूडेंट यूनियन ने ऑडिटोरियम के बाहर ये कार्यक्रम आयोजित किया. इस दौरान अलग-अलग स्टूडेंट यूनियन के बीच बहस देखने को मिली. कार्यक्रम को लेकर जब प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती अपनी बात रखने लगीं तभी वहां कुछ कार्यकर्ता आए और उन्होंने इस कार्यक्रम का विरोध किया. इस पर उन्होंने सभी से शांत रहने के लिए कहा.
ज्वॉइंट सेक्रेट्री दानिश अली का क्या है कहना?
JNUSU की ज्वॉइंट सेक्रेट्री दानिश अली ने एक मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमने किताब और कार्यक्रम दोनों के बारे में संस्थान को पूरी जानकारी दी थी. ऐसे में ये कहना गलत है कि हमारे ओर से जानकारी नहीं दी गई थी. आगे उन्होंने कहा कि जिस किताब को हिंदुस्तान में बैन नहीं किया गया है, उस किताब के ऊपर अगर यूनिवर्सिटी में चर्चा हुई तो इसमें क्या गलत था.
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ABVP का क्या है कहना?
ABVP के सदस्य प्रवीण पीयूष ने कहा कि आप किसी ऐसे व्यक्ति की किताब पर चर्चा कर रहे हैं, जिस पर मुकदमा दर्ज है, जो अभी जेल में बंद है. अगर आदिवासी दिवस (Adivasi Diwas) के दिन आपको चर्चा या कोई टॉक शो करना था आप बिरसा मुंडा जैसी शख्सियत पर कार्यक्रम कराते.
उन्होंने आगे ये भी कहा कि ABVP को अगर इस कार्यक्रम का विरोध करना होता तो करीब 500 लोग वहां मौजूद होते. ऐसे में नहीं कहा जा सकता है कि संगठन की ओर से कार्यक्रम को डिस्टर्ब करने की कोशिश की गई.
कौन हैं उमर खालिद?
उमर खालिद एक्टिविस्ट और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता हैं. सितंबर 2020 में उन्हें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित व्यापक साजिश मामले में UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था. वह फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.
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