UPSC Topper Routine: कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि भगवद्गीता का ये श्लोक जिसका अर्थ है तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल (नतीजे) पर कभी नहीं, इसलिए, कभी भी कर्म के फल की इच्छा रखकर काम मत करो. UPSC CSE 2025 में AIR 278 रैंक हासिल करने वाले वनज विद्यान ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली है और संघर्ष के दिनों को याद किया है. उन्होंने बताया कि किस तरह गीता के इस मैसेज से प्रेरित होकर वे सिर्फ मेहनत करने पर फोकस करते थे. उन्होंने अपनी डेली रूटीन शेयर की है. पढ़ाई के साथ-साथ वे रोज मेडिटेशन किया करते थे.
मोटिवेशन के साथ दिन की शुरुआत करते थे UPSC टॉपर
वनज दिल्ली में रहते हुए तैयारी करते थे तो सबसे पहले उठकर मोटर ऑन करते थे. इसी बहाने उनकी नींद 5 बजे सुबह खुल जाती थी. इसके बाद वे अपने स्टडी प्लेस पर पहुंचते थे. 6 बजे से 6:30 बजे तक वे मेडिटेशन करते थे और इसके बाद पढ़ाई की शुरुआत करते थे.
पढ़ाई को कई हिस्सों में बांट रखा था, PYQs जरूरी सॉल्व करते थे
उन्होंने पढ़ने को कई सेक्शन में बांट रखा था. प्लान के तहत पिछले दिन के पढ़े को रिवाइज करते थे, फिर करीब 3 घंटे PYQs सॉल्व करते थे. शाम के वक्त वे रोज अखबार पढ़ा करते थे. 10 बजे तक सो जाते थे. वनज का मानना है कि मेंटल हेल्थ और सोने का ध्यान रखना भी जरूरी है.
3 सालों की मेहनत के बाद मिली UPSC 278 रैंक
वनज ने कहा कि अगर आप बैठे रहेंगे और सोचते रहेंगे तो स्ट्रेस होगा ही. इससे बेहतर है कि आप अपना बेस्ट दें. पूरी मेहनत लगाकर तैयारी करें. उन्होंने 3 सालों तक सिविल सेवा में आने के लिए कड़ी मेहनत की. संघर्ष के दिनों की जो तस्वीर वनज ने शेयर की है उसमें उनका स्टडी टेबल देखें तो साफ दिखता है कि उन्होंने कितनी मेहनत की है. हर जगह स्टिकी नोट्स चिपकाए हुए हैं. सभी डाटा और फैक्ट्स को अंडरलाइन किया है. एक डेडलाइन बनाई है और उसे फॉलो किया है.
2023 की मार्कशीट से लगा धक्का, फिर भी हार नहीं मानी
कॉलेज के दिनों में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके वनज हमेशा से इंग्लिश लैंग्वेज पर पकड़ बनाए हुए थे. इसके बाद भी उन्हें 2023 की मार्कशीट में निबंध (Essay Writing) में सिर्फ 77 मार्क्स आए थे. एथिक्स में 96 और ऑप्शन विषय में 240 मार्क्स ही थे. इस मार्क्स को देखकर उन्हें लगा कि खुद पर और काम करने की जरूरत है. गलतियों से सीखकर उन्होंने फिर से तैयारी शुरू की.
UPSC की तैयारी के लिए अखबार पढ़ने की आदत डालें
वनज ने बताया कि करेंट अफेयर्स के अलावा उन्हें न्यूज पेपर ने बहुत मदद की है. UPSC प्रीलिम्स के लिए करेंट अफेयर्स जरूरी हैं, पर समझ डेवलप होना जरूरी है जोकि अखबार से ही होगी. तैयारी करने वाले दूसरे अभ्यर्थियों को सलाह दी कि स्ट्रेस न लें. उससे बेहतर है पूरी स्ट्रैटजी और प्लानिंग के साथ तैयारी पर फोकस करें.
तब भी पढ़ो, जब एग्जाम नहीं हो: वनज विधान
वनज का मानना है कि परीक्षा हो या नहीं हो पढ़ने की आदत कभी छूटनी नहीं चाहिए. कई अभ्यर्थी प्रीलिम्स के रिजल्ट के इंतजार में रहते हैं और फिर उस अनुसार आगे की प्लानिंग करते हैं. लेकिन प्रीलिम्स हो या मेन्स, रिजल्ट का इंतजार किए बिना तैयारी करते रहें. इंटरव्यू के लिए वनज ने जी-जान लगा दी थी. कई मॉक इंटरव्यू दिए थे. देश विदेश की हर घटना पर नजर बनाए रखा था.
वनज को पिता से मिली सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा
वनज के पिता रेडियो ऑफिसर हैं. अपने स्टूडेंट लाइफ में उनके पिता ने UPSC परीक्षा दी थी. ऐसे में वनज को पिता से सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली. उन्होंने (वनज) ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ से पढ़ाई की है. 2023 लॉ से ग्रेजुएशन डिग्री पूरी करने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क के रूप में काम कर रहे थे. ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने के बाद उनके आगे एक बड़ी दुविधा थी कि आगे कानून के फील्ड में जाएं या सिविल सेवा का ऑप्शन चुनें. आखिरकार उन्होंने सिविल सेवा का ऑप्शन चुना.
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