Teachers Day Award 2026: आज शिक्षक दिवस के मौके पर बिहार के बांका जिले की शिक्षिका खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) से सम्मान मिला. उन्हें ये सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने और सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है. पुरस्कार मिलने के बाद खुशबू कुमारी काफी खुश हैं. उन्होंने कहा उनके पास इस मोमेंट के लिए शब्द नहीं हैं.
सम्मान मिलने पर भावुक हुईं खुशबू
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद खुशबू कुमारी ने अपने भाव साझा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का बेहद भावुक, गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण है. वर्षों की मेहनत, बच्चों का स्नेह और अपनों का विश्वास एक साथ सामने साकार होता महसूस हुआ.
उन्होंने कहा कि शायद अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करना उनके लिए संभव नहीं है. उनके लिए यह पल जीवनभर की सबसे अनमोल स्मृतियों में से एक रहेगा.
बिहार के सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर
जहां बिहार के सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों की धारणा ये होती है कि वहां अच्छी पढ़ाई नहीं होती है, वहीं टीचर खुशबू कुमारी ने इस सोच को बदला है. खुशबू उन चुनिंदा शिक्षकों में शामिल हैं, जिन्होंने पढ़ाई को सिर्फ किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों के लिए सीखने को एक मजेदार अनुभव बना दिया.
खुशबू कुमारी की क्लास में पढ़ाई का अंदाज अलग है या यूं कहें कि सबसे खास है. चाहे वो छोटे बच्चों को हिंदी का स्वर और व्यंजन पढ़ा रही हों या फिर मैथ्स का पहाड़ा पढ़ा रही हों, क्लास में बच्चे झूमते-गाते पाठ याद करते हैं.
13 साल से सरकारी स्कूल में दे रहीं योगदान
खुशबू कुमारी पिछले 13 साल से सरकारी शिक्षक के तौर पर काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के लिए खुद कई तरह के TLM यानी Teaching Learning Material तैयार किए. इनमें चार्ट, फ्लैशकार्ड, मॉडल और दूसरी शिक्षण सामग्री शामिल हैं.
वह पढ़ाई में ICT यानी डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल करती हैं. उनका प्रयास रहता है कि बच्चे सिर्फ रटकर परीक्षा पास न करें, बल्कि चीजों को समझें और सीखने में उनका इंटरेस्ट रहे.
खुशबू कुमारी सबसे पहले गुड टच बैड टच सीखाकर हुईं फेमस
खुशबू कुमारी जब बिहार के कटौना स्कूल में थी उन्होंने अपने क्लास में बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाया. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देखते-ही-देखते वो फेमस हो गईं. बच्चों को जागरूक करने की इस पहल की सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर सराहना की. उस समय के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने भी उनकी तारीफ की थी. हालांकि, खुशबू कुमारी के लिए डिजिटल पहचान का ये सफर इतना आसान नहीं था. जहां एक तरफ उन्हें सराहना मिली. वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें खूब ट्रोल किया. लेकिन खुशबू किसी भी तरह की सराहना और ट्रोलिंग से प्रभावित हुए बिना अपनी काम करती रहीं.
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