IAS Awanish Sharan: 45 की उम्र में हेल्थ और अपनी बॉडी के प्रति जुनून से IAS अवनीश शरण ने सभी को चौंक दिया. दिलचस्प बात ये है कि अपने काम के साथ-साथ वे खानपान और वेट लॉस पर भी ध्यान देते हैं. समय-समय पर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए आम लोगों को भी इस वेट लॉस जर्नी का पार्ट बनाया है.
IAS ने एक साल में किया गजब का ट्रांसफॉर्मेशन
अवनीश शरण न कोई बहाना बनाया, न लापरवाही की. बस हर दिन एक रूटीन फॉलो किया. अपने खानपान और एक्सरसाइज का पूरा ध्यान रखा. उन्होंने 2025 से वेट लॉस की ये जर्नी शुरू की और बस एक साल के कम समय में करीब 30 परसेंट बॉडी फैट कम कर लिया.
सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच उनका कुल कोलेस्ट्रॉल 278 से घटकर 158 हो गया. एलडीएल 205.2 से 83 पर पहुंच गया, जबकि अच्छा कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल 51 से बढ़कर 62.8 हो गया. वहीं ट्राइग्लिसराइड्स 109 से घटकर 61.9 रह गए.
39 साल की उम्र से हेल्थ पर ध्यान देना शुरू किया
ऐसा नही है कि इस अधिकारी ने केवल एक साल में अपने वजन को इतना कंट्रोल किया है बल्कि उनकी जर्नी 39 की उम्र में साल 2020 में शुरू हुई थी. छोटे और सिंपल गोल के साथ उन्होंने इस सफर की शुरुआत की थी. लेकिन वे डेली हेल्दी रूटीन फॉलो नहीं कर पाते थे. घर और काम के बीच वे अपने हेल्थ पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे.
2024 में हुई सर्जरी के कारण लेना पड़ा ट्रेनिंग से ब्रेक
अवनीश ने डेली ट्रेनिंग और एक्सरसाइज को अपनी रूटीन में शामिल किया. हालांकि, 2024 में एक सर्जरी के कारण उन्हें ट्रेनिंग से ब्रेक लिया. लेकिन जून 2025 में एक फ्रेश स्टार्ट किया.
बेटी के जन्मदिन से पहले पतले होने का लक्ष्य
IAS ने 27 जून को अपनी बेटी के जन्मदिन से पहले पतले होने और सही पोस्चर में आने का लक्ष्य तय किया. उन्होंने 1 जनवरी 2206 को ये लक्ष्य तय किया था. उनकी पत्नी ने उन्हें इस सफर में बहुत मदद की. वे हमेशा कोशिश करती थीं कि अवनीश टाइम से अपना एक्सरसाइज कर लें और उनका डाइट फॉलो करें.
IAS का मैसेज, सबसे जरूरी है स्वास्थ्य
पब्लिक सर्विस में होकर भी अवनीश ने जिस तरह का ट्रांसफॉर्मेशन कर दिखाया, उसने युवाओं के लिए मिसाल पेश की है. उनका क्लियर मैसेज है कि चाहे जॉब कितनी भी डिमांडिंग हो, आप अपने सेहत से समझौता न करें.
10 बार हो चुके हैं फेल, फिर भी नहीं हुए निराश
अवनीश शरण बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं. उनकी पढ़ाई-लिखाई बिहार से हुई है. उन्होंने लाइफ में कई असफलताएं देखी हैं. लेकिन हमेशा से मेहनत करने के लिए जाने जाते हैं. बोर्ड परीक्षा में उन्हें सिर्फ 44 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए थे. इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा में 65 प्रतिशत मार्क्स से पास हुए थे. लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी. हमेशा खुद पर मेहनत करते रहे. UPSC में सफलता पाने से पहले करीब 10 बार फेल हो चुके थे.
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