AIIMS Nurse Turned Artist: बहुत से युवा काम नहीं मिलने पर नौकरी की तलाश में भटकते हैं. कई ऐसे भी होते हैं जिनके पास एक नौकरी तो होती है लेकिन उन्हें जिंदगी में कुछ बेहतर, कुछ अलग करना होता है. यही वो चाहत है जो कई कॉर्पोरेट युवाओं को IAS, IPS बना देता है, तो किसी मामलू से बैंक कर्मी को बड़ा अफसर. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन समाज द्वारा फिक्स किए स्टैंटर्ड जॉब में भी खुश नहीं हो पाते, वे अपनी नौकरी छोड़कर अपना पैशन फॉलो करने निकल जाते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी गुंजन सैनी की. साधारण परिवार से आने वाली गुंजन के पास तो AIIMS की नौकरी थी, लेकिन उन्होंने सब छोड़कर कविता सुनाना शुरू कर दिया. आज के समय में वे कई स्टार्स के साथ प्लेटफॉर्म शेयर कर चुकी हैं.
गुंजन सैनी एक साधारण नाम लगता है जब तक कि आप उनकी प्रोफाइल को शुरू से लेकर अंत तक स्क्रॉल नहीं कर लेते हैं. AIIMS की नर्स गुंजन के लाइफ में एक वक्त ऐसा आया जब वे डिप्रेशन का शिकार हो गईं. उनके माता-पिता उन्हें बेरोजगार बुलाने लगें. लेकिन गुंजन ने हिम्मत नहीं हारी और खुद की कहानी नए ढंग से लिखना शुरू कर दिया.
चाची से मिली नर्स बनने की प्रेरणा
जब गुंजन 12वीं में थीं तो उनकी चाची AIIMS में बतौर हेड ओटी नर्स के रूप में काम कर रही थीं. उनके काम और इस काम में मिलनी वाली पहचान को देखकर गुंजन भी नर्स बनने के लिए प्रेरित हुईं. गुंजने ने एम्स नर्सिंग एग्जाम क्रैक किया और उन्हें AIIMS Bhopal मिला.
नर्स का मजाक बनाया जाता था
इस प्रोफेशन में आने के बाद उन्हें असली रियालिटी चेक मिला. गुंजन के अनुसार, इस फील्ड में दूसरे मेडिकल कोर्सेज के स्टूडेंट्स द्वारा नर्स को काफी अलग और बुरा ट्रीट किया जाता है. यहां तक की हॉस्पिटल मैनेजमेंट भी उन नर्स से कहा करते थे कि “थोड़ा सहना सीखो”. नर्स का ये कहकर मजाक बनाया जाता था कि, नर्स का काम तो बेडशीट बदलना होता है. मेरी हिम्मत टूटने लगी.
8 महीने तक डिप्रेशन की गोली और हर रोज रोना-धोना
तानों और अपमान के कारण गुंजन का मन कोर्स में नहीं लगा. वे बीमार रहने लगीं और फिर एक दिन पता चला कि उन्हें क्लिनिकल डिप्रेशन (Clinical Depression) है. 8 महीने से ज्यादा पिल्स और दवाइयों पर जिंदा रहीं. इस बीच हर दिन डिप्रेशन, रोना-धोना, हिम्मत टूटने का सिलसिला चलता रहा. लेकिन गुंजन ने पूरी तरह खुद को टूटने नहीं दिया.
परिवार वाले कहने लगे बेरोजगार
धीरे-धीरे गुंजन आर्ट की दुनिया की तरफ अट्रैक्ट होने लगीं. उन्होंने कई ऑडिशन दिए और स्टैंटअप फॉर्म में कविता सुनानी लगीं. शुरुआत में खुद को प्रूफ करने का स्ट्रगल था खासकर तब जब कि वे काफी शांत सी रहने वाली लड़कियों में से थीं. लेकिन धीरे-धीरे गुंजन को स्टेज मिलने लगा और लोग उन्हें इंटरेस्ट से सुनने लगे. हालांकि, इस फील्ड में कई रिजेक्शन भी मिले. लेकिन उन्होंने लगातार काम करती रहीं. परिवार वाले उन्हें बेरोजगार बुलाते थे.
Gutur Gu वेब सीरीज में रोल ऑफर
धीरे-धीरे गुंजन के हार्डवर्क का रिजल्ट दिखने लगा. उन्हें कई प्रोग्राम मिलने लगे. फेमस वेब सीरीज Gutur Gu में उन्हें परी (कैरेक्टर) का रोल ऑफर हुआ. इसी के साथ बड़े-बड़े स्टार्स के साथ गुंजन से प्लेटफॉर्म शेयर किया है. गुंजन की कहानी ये दिखाती है कि अगर मेहनत और लगन से किसी भी काम को किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है.
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