Delhi Viral Teacher: दिल्ली के एक टीचर इन दिनों सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम पर काफी वायरल हो रही हैं. दिल्ली के एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाली इस महिला टीचर ने बच्चों में खुद से अटेंडेंस बनाने की आदत डाली. इस अनोखी पहल को देखर इंटरनेट पर लोगों ने उनकी खूब तारीफ की. आइए, जानते हैं इंटरनेट पर वायरल हो रही टीचर सुमी सियाग कौन हैं और क्या करती हैं.
Delhi Viral Teacher: किस पहल से हुई इंटरनेट पर चर्चा?
आमतौर पर क्लास में अटेंडेंस बनाने का काम टीचर्स का होता है. लेकिन सुमी सियाग (Sumi Siyag) ने एक ऐसा सिस्टम बनाया, जिसके जरिए हर बच्चा अपना अटेंडेंस खुद बनाता है. हर रोज स्टूडेंट्स क्लास में पहुंचने के बाद अपनी तस्वीर खोजते हैं और अपनी माचिस की डिब्बी को खोलकर 'P' अक्षर निकालता है और इसके बाद बिना कुछ बोले अपनी सीट पर जाकर बैठ जाता है.
दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ाती हैं सुमी सियाग
प्रभात खबर से खास बातचीत में सुमी ने बताया कि वे मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं और दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत हैं. अपनी संस्कृति और जड़ों से गहरा जुड़ाव रखने वाली सुमी न सिर्फ स्टूडेंट्स को पढ़ाने का काम करती हैं बल्कि उनके लिए पढ़ाई को रोचक बनाती हैं. उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ क्लास तक सीमित नहीं है बल्कि वो समाज में बदलाव लाने का काम करते हैं.
ग्रेजुएशन के बाद BEd, अब कर रही हैं MSc
हमेशा से सुमी को बच्चों को पढ़ाना और उनके बीच रहना अच्छा लगता था. ऐसे में उन्होंने साइंस स्ट्रीम से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद BEd किया. बीएड करने के बाद सुमी ने पढ़ाना शुरू कर दिया. सुमी का मानना है कि आदमी को कभी सिखना बंद नहीं करना चाहिए. यही कारण है कि उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अपनी भी पढ़ाई जारी रखी है. फिलहास सुमी साइंस स्ट्रीम से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
सुमी के पिता पैरामिलिट्री फोर्स में सब-इंस्पेक्टर हैं, जबकि उनकी मां परिवार की सबसे मजबूत कड़ी हैं. परिवार में उनके दो भाई भी हैं. वह अपनी सफलता का क्रेडिट अपने परिवार को देती हैं. सुमी कहती हैं पढ़ाई से लेकर टीचिंग तक और अब कॉन्टेंट क्रिएशन तक, उनके परिवार ने उनका हर कदम पर साथ दिया. परिवार ने हमेशा उन्हें नए आईडिया के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
क्यों चुना टीचिंग?
सुमी को हमेशा से पढ़ाने से प्यार था. उन्होंने कहा कि टीचिंग मेरे लिए कभी भी प्रोफेशन जैसा नहीं था. मैं इस काम से बहुत प्यार करती हूं. बच्चों की खुशी, उनके चेहरे पर स्माइल, उनकी भोली बातें और उन्हें बढ़ते हुए देखना मेरे लिए काफी सुखद है. उन्हें गर्व है कि वह ऐसे पेशे में हैं, जहां वह बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभा सकती हैं.
छात्र बनें प्रेरणा, छात्रों से हर दिन सिखने का मौका
उनका कहना है कि उनके छात्र ही उनकी प्रेरणा हैं. बच्चों को सीखते, आगे बढ़ते और आत्मविश्वास से भरते देख उन्हें हर दिन कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है. उन्हें इस काम में स्टूडेंट्स के साथ अन्य टीचर्स से भी प्यार और रिस्पेक्ट मिलता है. ऐसे में उन्हें इस काम को करने के लिए हर दिन मोटिवेशन आता है.
नई चीजें को ट्राई करने से नहीं डरें
दिल्ली की वायरल टीचर (Delhi Viral Teacher) ने कहा कि मैं दूसरों को भी ये कहती हूं कि खुद में विश्वास रखिए. लगातार मेहनत करते रहें और कभी सीखना बंद न करें. कभी किसी चीज को करने से डरना नहीं चाहिए. नई-नई चीजें करें. सक्सेस एक रात में नहीं मिलती है. आपको छोटे-छोटे स्टेप्स लेने होंगे और लगातार मेहनत करनी होगी. सुमी सयागी कहती हैं कि सबसे ज्यादा जरूरी है कि पॉजिटिव रहें और विनम्र रहें.
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