6 नंबर से टूटा सपना, पापा की एक लाइन बनी लकी चार्म, प्रेरणा BPSC क्रैक कर बनीं SDM

BPSC Success Story: लखीसराय की रहने वाली प्रेरणा प्रणय BPSC 70वीं परीक्षा में रैंक 288 लाकर SDM के लिए सेलेक्ट हो गईं हैं. प्रेरणा का सफर इतना सीधा नहीं था. उन्होंने बीपीएससी क्रैक करने के सफर में कई उतार चढ़ाव देखे हैं. आइए उनकी जर्नी पर एक नजर डालते हैं.

BPSC Success Story: BPSC की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का सपना होता है कि एक दिन उनका नाम भी चयनित उम्मीदवारों की सूची में आए. लेकिन यह सपना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. कुछ लोग पहली बार में सफल हो जाते हैं, तो कुछ को बार-बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है बिहार के लखीसराय जिले के पहाड़पुर गांव की रहने वाली प्रेरणा प्रणय की, जिन्होंने BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 288 हासिल कर SDM का पद प्राप्त किया.

BPSC Success Story: कौन हैं प्रेरणा प्रणय?

बिहार के लखीसराय जिले के पहाड़पुर गांव की रहने वाली प्रेरणा की शुरुआती पढ़ाई बिहार में नहीं बल्कि यूपी में हुई. उन्होंने 10+2 गोंडा की फातिमा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से किया और फिर झांसी के बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया.

प्रेरणा को मिली कई असफलताएं

कॉलेज खत्म होने के बाद प्रेरणा ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. BPSC की शुरुआती दो कोशिशों में उन्हें सफलता नहीं मिली. इसके बाद साल 2024 में उन्होंने UPSC की परीक्षा भी दी. जनरल स्टडीज में उनके अच्छे अंक आए, लेकिन CSAT में करीब 6 अंकों से चूक गईं. इस एक झटके ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया.

पिता ने दिया हौसला

प्रेरणा प्रणय बताती हैं कि जिस दिन UPSC का रिजल्ट आया उस दिन वह बहुत रोई थीं. उन्हें लगने लगा था कि शायद उनकी मेहनत बेकार चली गई. उसी समय उनके पिता ने एक ऐसी बात कही, जिसने उनकी सोच बदल दी. पिता ने कहा, “क्या पता 2025 साल तुम्हारे फेवर में हो.” यह एक साधारण सा वाक्य था, लेकिन प्रेरणा के लिए यही सबसे बड़ी ताकत बन गया.

प्रेरणा के पिता प्रणय कुमार सिंह भारतीय रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन हैं, जबकि मां पुष्पा सिंह गृहिणी हैं. परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया और मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया.

23 जनवरी ने बदल दी जिंदगी

23 जनवरी 2025 का दिन प्रेरणा कभी नहीं भूलेंगी. इसी दिन BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आया और उन्होंने प्रीलिम्स पास कर लिया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू, तीनों चरण सफलतापूर्वक पार किए और आखिरकार SDM बनने का सपना पूरा कर लिया.

मामा बने सबसे बड़े मोटिवेटर

प्रेरणा बताती हैं कि जब भी तैयारी के दौरान उनका मन टूटता था या आत्मविश्वास कम होने लगता था, तब उनके मामा अजीत कुमार, जो CorroHealth Care Pvt Ltd में ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में डिप्टी मैनेजर हैं, उन्हें लगातार मार्गदर्शन देते थे. उनकी बातों से प्रेरणा को नई ऊर्जा मिलती थी और वह फिर से पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई में जुट जाती थीं.

बिना कोचिंग BPSC की तैयारी

प्रेरणा ने बीपीएससी की तैयारी के लिए कभी कोई फुल टाइम कोचिंग नहीं ली. उन्होंने एक अच्छी टेस्ट सीरीज जॉइन की, ऑनलाइन कोचिंग के नोट्स का इस्तेमाल किया. इसके अलावा AI और YouTube की मदद से भी एग्जाम की तैयारी की.

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लेखक के बारे में

Published by: Ravi mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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